मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा बाराबनी में टीएमसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी इंसाफ की दिशा में उठाया गया कदम
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*आसनसोल* :बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सरकार बनने के बाद से ही पूरा प्रशासन हरकत में आ गया है शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का भी गठन किया गया है जिसमें पश्चिम बर्धमान जिले से अग्निमित्रा पाल को दो बेहद महत्वपूर्ण दफ्तर दिए गए हैं। आज अग्निमित्रा पाल सहित इस जिले के अन्य भाजपा विधायकों के साथ जिला शासक दफ्तर में जिला शासक एस पोन्नबलम की एक जरूरी बैठक हुई।18 से 25 मई तक *जन भागीदारी अभियान* का आयोजन किया जाएगा इसे लेकर आज की बैठक में चर्चा हुई और किस तरह से इस अभियान के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जा सके इस पर चर्चा की गई। इसके उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल भारत का एक अंग राज्य है लेकिन यह बड़े आश्चर्य की बात है कि ममता बनर्जी के शासनकाल में पश्चिम बंगाल में भारतीय न्याय संहिता को लागू होने नहीं दिया गया था जबकि यह देश के अन्य राज्यों में लागू हो चुका था लेकिन अब यहां पर भाजपा की सरकार है इसलिए भारतीय न्याय संहिता को लागू किया गया है और इसके तहत यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी अनुष्ठान चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों ना हो या अन्य किसी भी प्रकार का अनुष्ठान क्यों ना हो वहां पर एक तय सीमा के अंदर माइक बजाना पड़ेगा। यहां पर किसी भी धर्म को प्राथमिकता नहीं मिलेगी क्योंकि कानून के सामने सभी समान है और सभी को इसे मानना पड़ेगा। वहीं बाराबंनी में टीएमसी के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि कल ही विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदू अधिकारी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी का कोई कार्यकर्ता डर की वजह से अपने घर से बाहर है तो उसे पूरे सम्मान के साथ स्थानीय विधायक और पुलिस अधिकारियों की देखरेख में अपने घर वापस लाया जाएगा लेकिन अगर उस व्यक्ति पर 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार करने को लेकर लिखित शिकायत है तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इसलिए बाराबंनी में जो हुआ वह मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार ही हुआ है














