राखी के पवित्र त्यौहार पर रविंद्र भवन में जिला युवा कल्याण खेल विभाग द्वारा हुआ कार्यक्रम का आयोजन!
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आसनसोल :पवित्र राखी बंधन उत्सव के उपलक्ष्य में आज आसनसोल के रवींद्र भवन में जिला युवा कल्याण एवं खेल विभाग की ओर से राखी बंधन उत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ पश्चिम बर्दवान के जिला शासक एस. पोन्नबालम, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेन्दु मुखर्जी, बाराबनी के विधायक अरीजीत राय सहित जिला प्रशासन के सभी अधिकारी और आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
यहाँ दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों का सम्मान किया गया, कवि गुरु रवींद्रनाथ ठाकुर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और आज राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की तस्वीर पर भी माल्यार्पण किया गया।इसके बाद सभी विशिष्ट अतिथियों ने राखी उत्सव के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर अपना वक्तव्य रखते हुए आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि विशेष कहने को कुछ नहीं है। रक्षा बंधन भाई-बहन के बीच एक अटूट बंधन है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी इस कामना से बांधती है कि उसका भाई स्वस्थ रहे, उसकी रक्षा हो और कोई भी अशुभ शक्ति उसका अहित न कर सके। वहीं भाई भी यह प्रण लेता है कि उसकी बहन सुरक्षित रहे, अच्छी रहे और उसका सम्मान अटूट रहे।”

उन्होंने कहा, “राखी सिर्फ धागे का बंधन नहीं है, राखी एक कमिटमेंट है। बहन को, मातृशक्ति को सुरक्षित रखना, आज के दिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना, महिला शक्ति को आगे बढ़ाना और उन्हें समाज में आगे लाना ही रक्षा बंधन का असली उद्देश्य है।”
उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1905 में रवींद्रनाथ ठाकुर ने राखी बंधन के जरिए देश के विभाजन को रोकने की कोशिश की थी, इसलिए रवींद्रनाथ ठाकुर के साथ राखी का एक अनोखा जुड़ाव है।
विधायक ने आगे कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार ने तय किया है कि जिन भाइयों को बहनें राखी बांधेंगी, उन सभी बहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल के भाई लेंगे। हम जो सरकार चला रहे हैं, हम यह जिम्मेदारी लेंगे। आसनसोल की धरती पर खड़े होकर हम जिले की सभी माताओं-बहनों की सुरक्षा का वचन इस पवित्र दिन पर ले रहे हैं।”

अंत में उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की नारी शक्ति, मातृशक्ति और आगे बढ़े, इसके लिए सरकार हर तरह से उनके साथ है।
वहीं जिला शासक एस पोन्नबलम ने कहा कि हमारे परिवार में भाई-बहन के बीच जो रिश्ता है, उसे एटरनल बॉन्ड कहा जाता है, जो कभी नहीं टूट सकता। घर में भाई-बहन में सबसे ज्यादा झगड़ा भी होता है, लेकिन वो बंधन कभी नहीं टूटता, यही इस रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है।”
उन्होंने कहा कि राखी का यह रिश्ता सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज में भी यह बंधन मजबूत होना चाहिए। आज इंटरनेट और मोबाइल आने से समाज में ये जुड़ाव कम हुआ है।
उन्होंने कहा, “पहले गांव में एक ही टीवी होती थी, पूरा गांव एक साथ बैठकर क्रिकेट देखता था। मुझे याद है जब सौरव गांगुली की कप्तानी में हम फाइनल में गए थे, तब हम चार-पांच हजार लोग एक साथ फाइनल देख रहे थे। अब सब मोबाइल पर अकेले फिल्म देखते हैं। लाइफस्टाइल बदल गई है, परिवार छोटे हो गए हैं, न्यूक्लियर फैमिली हो गई है, इसकी वजह से समाज में आपसी जुड़ाव कम हो गया है। हम अपने पड़ोस में रहने वालों को भी ठीक से नहीं जानते।”
उन्होंने कहा कि इसी जुड़ाव को फिर से मजबूत करने के लिए राखी उत्सव को परिवार से निकालकर समाज का पर्व बनाया गया है। कवि गुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने भी जब अंग्रेजों ने जबरन बंगाल का विभाजन किया था, तब राखी बंधन उत्सव का उपयोग पब्लिक फेस्टिवल के रूप में किया था।
- अंत में उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से सभी छात्र-छात्राओं और छोटी बहनों को राखी बंधन उत्सव की शुभकामनाएं दीं।














