भाजपा नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने दो चरणों में बंगाल चुनाव के फैसले को बताया सही कहा सत्ता से टीएमसी का जाना बिल्कुल तय
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:भाजपा के राज्य स्तरीय नेता कृष्णेन्दु मुखर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा बंगाल में दो चरणों में चुनाव करवाने के फैसले को सही बताया उन्होंने कहा कि टीएमसी के शासनकाल में जिस तरह से चुनाव से पहले और चुनाव के बाद हिंसा का सहारा लिया जाता है जिस तरह से पिछले चुनाव में भी हमने देखा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार किए गए उनके घर जला दिए गए उनकी हत्याएं की गई इसे देखते हुए चुनाव आयोग द्वारा जो फैसला लिया गया है वह बिल्कुल सही है क्योंकि इससे बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नियंत्रण रखने में चुनाव आयोग को कामयाबी मिल सकती है उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले चुनाव आयोग की फुल बेंच बंगाल आई थी और उन्होंने कहा था कि बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कितने चरणों में मतदान होगा इसका फैसला लिया जाएगा दो चरणों में मतदान करने का फैसला लिया गया है यह दिखाता है कि चुनाव आयोग को लगता है कि अगर ज्यादा चरणों में चुनाव करवाए जाएं तो यहां पर निष्पक्ष चुनाव करवाना मुश्किल हो जाएगा इसलिए दो चरणों में चुनाव करवाया जा रहा है ताकि टीएमसी के गुंडो को यहां पर चुनाव के दौरान धांधली करने का मौका ना मिले उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने जिस तरह से तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए एक बहुत ही आपत्तिजनक बयान दिया था उन्हें पूरा भरोसा है कि चुनाव आयोग ने उस बयान का भी संज्ञान लिया होगा कृष्णेंदू मुखर्जी ने कहा के मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए इस तरह के बयान देना दुर्भाग्य जनक है और यह दिखाता है कि चुनाव के दौरान माहौल को बिगाड़ने की कवायद टीएमसी द्वारा सबसे ऊंचे स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक की जाती है हालांकि उन्होंने कहा कि अब बंगाल की जनता समझ चुकी है और उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बंगाल की जनता टीएमसी को उखाड़ फेंकेगी और यहां पर भाजपा की सरकार बनेगी। वहीं एस आई आर पर भी कृष्णेंदु मुखर्जी ने टीएमसी पर करारा प्रहार किया और कहा की इस प्रक्रिया के शुरुआत से ही टीएमसी इस प्रक्रिया को होने नहीं देना चाहती थी क्योंकि उनको पता था कि अगर यह प्रक्रिया सही तरीके से संपूर्ण हुई तो वह जिस तरह से फर्जी मतदाताओं के बदौलत चुनाव जीतते आए हैं वह नहीं होगा लेकिन वह कितना भी प्रयास क्यों न कर ले फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नहीं रहेंगे और एक स्वच्छ और शुद्ध मतदाता सूची बन कर रहेगी जो किसी भी लोकतंत्र की प्राथमिक पृष्ठभूमि होती है














