एस आई आर के जरिए भाजपा पर बंगाल में वैध मतदाताओं के नाम काटने की साजिश का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी का कोलकाता में धरना
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:मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आज कोलकाता में एस आई आर के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने होली से पहले ही घोषणा की थी की होली के त्यौहार के बाद वह चुनाव आयोग द्वारा भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर बंगाल में जिस तरह से एस आई आर किया गया और ज्यादा से ज्यादा जायज मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया गया उसके खिलाफ वह धरना देंगे और विरोध करेंगे आज ममता बनर्जी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया इस दौरान यहां पर पूरे राज्य से बड़ी संख्या में टीएमसी समर्थक और कार्यकर्ता और अपने-अपने क्षेत्र में संगठन से जुड़े पदाधिकारी पहुंचे थे सभी ने ममता बनर्जी के इस आंदोलन को समर्थन दिया और कहा कि जिस तरह से पूरे देश में एकमात्र ममता बनर्जी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं वह इतिहास में दर्ज होगा उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को पता है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से बंगाल में सत्ता में नहीं आ सकती इसीलिए उन्होंने चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके यहां सत्ता पर काबिज होने का प्रयास किया है लेकिन बंगाल की जनता भाजपा के इस मंसूबे को कभी कामयाब नहीं होने देगी उन्होंने साफ कहा कि जब एस आई आर की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई थी तब से ही भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी सहित तमाम भाजपा नेता कह रहे थे कि एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों के नाम मतदाता सूची से कट जाएंगे भाजपा नेताओं के उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए ही भाजपा के दबाव में चुनाव आयोग तमाम प्रयास कर रही है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा जायज मतदाताओं के नाम काटे जाएं जब 16 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट जारी किया गया तब 58 लाख के आसपास लोगों के नाम काटे गए थे फाइनल लिस्ट में देखा जा रहा है कि 63 लाख लोगों के नाम काटे हैं और 60 लाख लोगों के नाम अभी भी एडजुडिकेशन के चरण में है उनमें से भी बहुत से लोगों के नाम काटने की साजिश रची जा रही है क्योंकि भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव आयोग को जो लक्ष्य दिया गया था उस लक्ष्य तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है इसी षड्यंत्र के खिलाफ ममता बनर्जी और अभिषेक बैनर्जी संघर्ष कर रहे हैं पूरे देश में ममता बनर्जी के अलावा और कोई मुख्यमंत्री नहीं है जो भाजपा के खिलाफ आवाज उठा रहा है एकमात्र ममता बनर्जी ही सड़क से लेकर संसद यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष कर रही हैं ताकि देश में और इस राज्य में लोकतंत्र की रक्षा हो सके।














