पूरे देश हिंदी भाषियों को सबसे ज्यादा स्नेह करती है ममता बनर्जी – जीतु सिंह:
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आसनसोल :आज आसनसोल नगर निगम के 41 नंबर वार्ड में रूपो बांध इलाके में एक सड़क निर्माण के कार्य की शुरुआत हुई । वार्ड पार्षद रणबीर सिंह भरारा उर्फ जीतू सिंह की निगरानी में इस कार्य की शुरुआत हुई। आम जनता से हमेशा जुड़े रहने वाले जीतू सिंह ने स्थानीय महिलाओं के हाथों नारियल फोड़वाकर कार्य की शुरुआत की।

इस बारे मे जानकारी देते हुए जीतू सिंह ने बताया कि मंत्री मलय घटक तथा मेयर विधान उपाध्याय की वजह से यह संभव हुआ । उन्होंने बताया कि रूपो बांध में इस सड़क के निर्माण में 10 लाख की लागत आएगी । वहीं इस वार्ड के एक हाई ड्रेन भी बन रहा है। उसकी लागत 22 लाख रुपए है। जीतू सिंह ने दावा किया की मेयर विधान उपाध्याय ने कहा है कि अगले 6 महीनो में 41 नंबर वार्ड में सभी सड़कों को पक्का कर दिया जाएगा तो वहीं सभी नालों को भी बनाया जाएगा। बतौर पार्षद जीतू सिंह ने मेयर को धन्यवाद दिया और कहा कि चरम आर्थिक मुश्किलों के बावजूद भी विधान उपाध्याय जिस तरह से आसनसोल के विकास को आगे लेकर जा रहे वह सराहनीय है।

वहीं उन्होंने सभी छट व्रतीयों के लिए एक खुश खबरी दी। उन्होंने बताया कि 41 नंबर वार्ड में सियाराम छ्टघाट बनकर तैयार हो गया है। जीतू सिंह ने बताया कि यह एक भव्य छट घाट है जिसकी लागत 23 लाख रुपए आई है। इसके अलावा नगर निगम की तरफ से एक लाख की लागत से इस घाट के सौंदर्यीकरण पर भी खर्च किए जाएंगे। जीतू सिंह का कहना है की यह छट घाट सिर्फ आसनसोल ही नहीं बल्कि इस पूरे क्षेत्र में एक दर्शनीय स्थल के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने इसके लिए पूरा श्रेय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिया। उन्होंने बताया कि 41 नंबर वार्ड में हिंदी भाषी बहुतायत में रहते हैं लेकिन यहां के विकास को लेकर कभी किसी ने नही सोचा। यही वजह है आज जिस सड़क के निर्माण का कार्य शुरू हुआ वह पिछले 25 वर्षों से लमबित था । लेकिन ममता बनर्जी के निर्देश पर मंत्री मलय घटक तथा मेयर विधान उपाध्याय ने शिल्पांचल के हिंदी भाषियों को तवज्जो दिया है उसिका नतीजा है कि आज 41 नंबर वार्ड में इतनी तेज़ी से विकास कार्य ही रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां बड़ी संख्या में हिंदी भाषी लोगों का निवास है। लेकिन छट घाट न होने से इलाके की महिलाओं को दूसरे जगहों पर जाकर आस्था के इस महान पर्व को मनाना पड़ता था। अब इस साल से ऐसा नही होगा। इस साल से यहां की माताएं बहनें यहीं छट माना सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि ऐसा हुआ । दरअसल यह संभव हुआ ममता बनर्जी की नीतियों के कारण। वह कोई भेदभाव नही करतीं । उनके मन मे हिंदी भाषियों के लिए भी अपार स्नेह है। यही वजह है कि बंगाल मे छट पूजा पर दो दिन की छुट्टी दी जाती है जो और कहीं नहीं होती। जीतू सिंह ने कहा कि पूरे देश में अगर हिंदी भाषियों को कोई सबसे ज्यादा स्नेह करती हैं तो वह ममता बनर्जी हैं














