विवेकानंद स्कूल को गिराए जाने पर उठे कई सवाल:
1 min readआसनसोल आसनसोल के डूरंड कालोनी में स्थित विवेकानंद स्कूल को मंगलवार रात रेलवे द्वारा दो जेसीबी मशीनों के सहारे ढहा दिया गया। इसको लेकर भाजपा नेता शंकर चौधरी ने कहा कि रेलवे ने कुछ सोच कर ही यह फैसला लिया होगा । उन्होने बताया कि पुरे भारत में रेलवे द्वारा उनकी जमीनों को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है। शंकर चौधरी ने कहा कि टीएमसी सरकार इन स्कूलों को चलाने की ज़िमेदारी क्यों नहीं लेती? शंकर चौधरी ने आगे कहा कि राज्य में मुख्य्मंत्री ममता बनर्जी ने हज़ारों मदरसों को स्वीकृति प्रदान की है । इन मदरसों में पढ़कर बच्चे क्या बनेंगे? शंकर चौधरी ने कहा कि केन्द्र सरकार पर बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का को आरोप लगाया जा रहा है वह सरासर ग़लत है। क्योंकि केन्द्र सरकार बच्चों की शिक्षा के लिए मिड डे मील दे रही है निशुल्क शिक्षा का प्रबंध कर रही है। रेलवे द्वारा विवेकानंद स्कूल को तोडे जाने पर उन्होने बताया कि जरूर रेलवे ने इसे लेकर कुछ सोचा होगा। वहीं एक और भाजपा नेता बप्पा चैटर्जी ने भी कि जो टीएमसी विवेकानंद स्कूल को बंद करने को लेकर मुखर है वह आसनसोल नगर निगम इलाके में बंद हुए स्कूलों को लेकर क्यों मौन है। उन्होने साफ कहा कि टीएमसी के कार्यकर्ता समर्थको द्वारा रेलवे की ज़मीनों पर जो अवैध कब्ज़ा किया गया है उसे जरूर हटाया जाएगा । हालाकी जिन जमीनों पर स्कूल स्थित हैं उनके पास अगर वैध कागजात है तो उनके लिए भाजपा मुखर होगी । दूसरी तरफ विवेकानंद स्कूल के संस्थापक और प्रिंसिपल राम सिंहासन पासवान ने बताया कि पीछले 40 सालों से यह स्कूल चल रहा है तो कोई अनअथोराइज्ड स्कूल क्या इतने सालों तक चल सकती है?














