प्रोडक्ट बेस कंपनी द्वारा ठगे गए निवेशकों ने एसीपी कार्यालय में दिया ज्ञापन इंसाफ की लगाई गुहार
1 min read
आसनसोल :प्रोडक्ट बेस कंपनी गोआ मास में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि करीब एक साल चार महीने तक कंपनी ने सही तरीके से काम किया और रिटर्न भी दिया, लेकिन बाद में मॉल खोलने और कारोबार बढ़ाने के नाम पर लगातार पैसे वसूले गए।
पीड़ितों ने बताया, “हम एक प्रोडक्ट बेस कंपनी में काम कर रहे थे। लंबे समय तक काम ठीक चला, हमने काफी पैसा लगाया और रिटर्न भी मिल रहा था। अचानक कंपनी ने मॉल करेंगे कह कर हमसे और पैसा लेना शुरू कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें स्थानीय युवक संदीप बाउरी ने प्रेरित किया था। संदीप बाउरी पुरुलिया के पास सांताल मोड़ गांव का रहने वाला है। उसने बताया था कि उसकी पत्नी पश्चिम बंगाल पुलिस में है और साकतोरिया फाड़ी में तैनात है।
पीड़ित ने कहा, “हम इसी विश्वास में प्रेरित हुए थे कि सरकारी संस्था में काम करने वाला व्यक्ति और उसके परिवार का कोई सदस्य हमारे साथ बेईमानी नहीं करेगा। इसी विश्वास पर हमने पैसा लगाया।”
कुछ दिन पहले कंपनी ने हर व्यक्ति को एक लाख रुपए तक परमिशन देना बंद कर दिया और अचानक कोलकाता और रूपनारायणपुर स्थित दोनों ऑफिस बंद कर दिए। पीड़ितों के अनुसार रूपनारायणपुर में ही कंपनी के संचालक अनिल, रघुनाथपुर के सुशांत दास और साबिर अंसारी का घर और ऑफिस था। पीड़ितों ने बताया कि कंपनी का कहना था कि उनका प्रोडक्ट सेल पर कमीशन मॉडल है और इसके अलावा उनका रिद्धि-सिद्धि कंस्ट्रक्शन, स्मृति ग्रुप सहित ग्रुप ऑफ कंपनीज है। कोलकाता में फ्लैट का बिजनेस है। वहीं से पैसा जोड़ करके वापस किया जाएगा और बिजनेस बड़ा किया जाएगा।
पीड़ितों ने कहा, “हमारा पैसा स्मृति ग्रुप और होली लावा देव के नाम पर गया है। सारा पैसा हमने बैंक ट्रांसफर, चेक, युपीआई आरटीजीएस एनईएफटी के माध्यम से दिया है। सारे रिकॉर्ड और कागज हमारे पास मौजूद हैं।
पीड़ितों का दावा है कि इस कंपनी ने लगभग 80 से 90 करोड़ रुपए वसूले हैं और कम से कम 10 से 12 हजार लोग इसके शिकार हुए हैं। यह नेटवर्क केवल आसनसोल तक सीमित नहीं था, बल्कि रांची, धनबाद, जामताड़ा, बोकारो, दुमका, गिरिडीह, मधुपुर, देवघर, पुरुलिया के लितुरिया-रघुनाथपुर जैसे दुर दराज के इलाके, बांकुड़ा, सालतोड़, मेदिनीपुर और कोलकाता तक फैला हुआ था।
पूजा से पहले ही संचालकों ने फोन बंद कर लिया और गायब हो गए। पिछले 15 दिन से कोई संपर्क नहीं हो रहा है। पहले कहते थे कि पैसा लौटा देंगे, अब फोन बंद है।ठगी के शिकार लोगों ने आज आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी कार्यालय आकर लिखित शिकायत दी है। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को पकड़ कर उनकी संपत्ति, बैंक अकाउंट की जांच कर उनका पैसा वापस दिलाया जाए।
अपना परिचय देते हुए एक पीड़ित ने बताया, वह आसनसोल में कन्यापुर के रहने वाले हैं।














