*विजयदशमी की रात 3 बजे तक सड़क पर तैनात रहे आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी कायम की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल*
1 min read
आसनसोल: विजयदशमी का त्योहार जहां मां दुर्गा की विदाई और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, वहीं आसनसोल उत्तर में यह रात हिंदू-मुस्लिम एकता की एक बड़ी मिसाल भी बन गई। मिली जानकारी के अनुसार विजयदशमी की रात निकाले जाने वाले पारंपरिक अखाड़ा को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी खुद रात 3:00 बजे तक सड़क पर तैनात रहे। बताया जाता है कि इस दौरान उन्होंने शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में खुद खड़े रहकर अखाड़ा का संचालन और निरीक्षण किया। त्योहारों के दौरान प्रशासन इन इलाकों में विशेष सतर्कता बरतता है। विधायक ने न सिर्फ पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखा, बल्कि अखाड़ा में शामिल युवाओं और क्लब सदस्यों से लगातार अपील करते रहे कि वे शांति बनाए रखें और अपने-अपने घर सुरक्षित लौटें। रात दो बजे तक एक-एक जत्थे को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के बाद ही वे वहां से लौटे। स्थानीय लोगों ने बताया कि विधायक के इस तरह जमीन पर उतरकर काम करने से कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई। दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया, जो आसनसोल की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों ने विधायक के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों में नेता का मंच पर नहीं, बल्कि सड़क पर लोगों के बीच होना ही असली जनसेवा है। उनके इस प्रयास ने आसनसोल में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक नई मिसाल कायम की है।














