*आसनसोल मंडल में राजभाषा पखवाड़ा-2026 का समापन समारोह आयोजित
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आसनसोल :पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल में राजभाषा पखवाड़ा-2026 का समापन समारोह मंडल रेल प्रबंधक, पूर्व रेलवे, आसनसोल श्री संग्रह मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक के संबोधन से हुआ।
अपने संबोधन में मंडल रेल प्रबंधक ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मंडल कार्यालय के साथ-साथ अंडाल और जसीडीह जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी राजभाषा संबंधी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें रेलकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता तभी सुनिश्चित होगी, जब सभी रेलकर्मी अपने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें।
इस अवसर पर राजभाषा पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों सहित कुल 44 रेलकर्मियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही, राजभाषा प्रदर्शनी में उत्कृष्ट कार्यों की प्रस्तुति के लिए 06 विभागों को भी सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री देबब्रत चटर्जी ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।
समारोह के दौरान रेलकर्मियों द्वारा काव्य-पाठ भी प्रस्तुत किया गया। अपने संबोधन में अपर मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रयोग केवल ऐसे समारोहों तक सीमित न रहकर नियमित कार्यालयीन कार्यों में निरंतर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के निरंतर प्रयोग एवं प्रसार से राजभाषा के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि राजभाषा पखवाड़ा-2026 छह चरणों में आयोजित किया गया। 03.09.2026 को अंडाल में कार्यालयी भाषा परीक्षण प्रतियोगिता, 08.09.2026 को जसीडीह में शब्द श्रृंखला से आलेख लेखन प्रतियोगिता तथा 14.09.2026 को मंडल कार्यालय सहित मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। इसके बाद 18.09.2026 को प्रथम सत्र में अंतर-विभागीय राजभाषा प्रदर्शनी और द्वितीय सत्र में हिंदी वाक् प्रतियोगिता आयोजित की गई। 25.09.2026 को पुरस्कार वितरण एवं काव्य-गोष्ठी के साथ राजभाषा पखवाड़ा-2026 का विधिवत समापन हुआ।
समारोह का समापन राजभाषा अधिकारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले मंडल के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के निरंतर एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।














