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November 5, 2026

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आसनसोल की धरती से हिंदी के राष्ट्रव्यापी जय घोष की शुरुआत अखिल भारतीय हिंदी महासभा के राष्ट्रीय संगोष्ठी

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आसनसोल  :अखिल भारतीय हिंदी महासभा द्वारा पश्चिम बंगाल में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर संगठन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अमित रजक ने जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय हिंदी महासभा आज पश्चिम बंगाल में जो राष्ट्रीय संगोष्ठी करने जा रहा है, उसका उद्देश्य बहुत व्यापक है। बंगाल जो माँ दुर्गा की भूमि है, उसको वंदन करता हुआ यह कार्यक्रम होने जा रहा है। पूरे पश्चिम बंगाल में उसका साक्षी का जयघोष आज आसनसोल की धरती पर हो रहा है और यह जयघोष पूरे भारतवर्ष में जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह जयघोष व्यापक है। अखिल भारतीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिए महिला आरक्षण विधेयक जो पारित हुआ है, उसके समर्थन में अखिल भारतीय हिंदी महासभा यह काम कर रही है। राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान होना चाहिए। अलग-अलग महिलाएं नर्स के रूप में, विधायिका के रूप में, सांसद के रूप में सेवा दे रही हैं, तो उनका किस प्रकार योगदान होना चाहिए।

हिंदी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्र का राष्ट्रीय पशु हो सकता है, राष्ट्रीय पक्षी हो सकता है, तो राष्ट्र की एक भाषा भी होनी चाहिए। अखिल भारतीय हिंदी महासभा चाह रही है कि समन्वय, एकता और विकास के माध्यम से जो भारतीय भाषा है, उसके लिए काम किया जाए। कनेक्टिंग लैंग्वेज जो सभी लोगों को जोड़ने के लिए होनी चाहिए, वो हिंदी से अच्छी कोई भाषा नहीं हो सकती है।

अमित रजक ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री अलग-अलग देशों में जाकर हिंदी में बोलते हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मोहन भागवत जी के भाषण हिंदी में आते हैं, तो अलग-अलग भाषा के लोग उसे सुनते हैं और समझने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि बंगाल की भूमि से यह उद्घोष हो रहा है और यह पूरे व्यापक स्तर पर जाएगा। मेरा यह कहना है कि आप मातृभाषा के लिए काम कर रहे हैं, आपकी मातृभाषा बंगला है, लेकिन राष्ट्रभाषा के लिए भी काम करें। जैसे माँ और मौसी का संबंध होता है, मेरी मातृभाषा हिंदी है और भाई की मातृभाषा बंगला है, तो माँ और मौसी का घनिष्ठ संबंध होना चाहिए, दोनों का आदर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहले केवल हिंदी के विद्यार्थी ही हिंदी के लिए काम करते थे, लेकिन अब हमने इसको व्यापक बनाया है। भूगोल, इतिहास, विज्ञान एवं अलग-अलग संकाय के विद्यार्थी भी हमारे साथ हिंदी के लिए काम कर रहे हैं।

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