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November 5, 2026

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कालेज विश्वविद्यालय के शिक्षकों के तबादले किए जाने संबंधी सरकार के नए नियम का शिक्षकों ने किया स्वागत

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आसनसोल :राज्य सरकार द्वारा कालेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर लाए गए नए फैसले पर शिक्षक संगठनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

इस विषय पर बोलते हुए एक शिक्षक नेता ने कहा कि इस फैसले को नकारात्मक से ज्यादा सकारात्मक नजरिए से देखने की जरूरत है। शिक्षा देना और लेना दोनों का विषय है। अगर किसी नामी संस्थान या किसी विश्वविद्यालय के शिक्षक को जिले के किसी विश्वविद्यालय में आकर अपने कार्यकाल के तीन-चार साल पढ़ाने का मौका मिलता है तो उस जिले के छात्रों के लिए यह एक विशेष अवसर होगा। यह इसका एक सकारात्मक पहलू है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह अगर जिले के किसी प्रांतिक विश्वविद्यालय के शिक्षक को शहर के किसी क्लास वन सिटी के प्रसिद्ध विश्वविद्यालय में दो-तीन साल पढ़ाने का मौका मिलता है, तो वह भी उसके लिए एक नया अवसर है। ट्रांसफर नहीं है इसका मतलब यह नहीं कि यह कभी किया नहीं जा सकता या होगा ही नहीं, ऐसी कठोर मानसिकता रखना ठीक नहीं है। शिक्षा ट्रांसफर की बात है, इसलिए हम शिक्षक के तौर पर इस बिल का स्वागत करते हैं।

उन्होंने कहा कि समग्र पश्चिम बंगाल की शिक्षा संरचना के विकास के लिए यह जरूरी है। आप लोगों ने भी देखा है पिछले 15 सालों में, पिछले 10 सालों में पश्चिम बंगाल की शिक्षा किस जगह पर पहुंच गई है। आज एक शिक्षक का समाज में जो सम्मान था, पिछली सरकार ने उस सम्मान को इतना नीचे गिरा दिया है कि एक शिक्षक को सड़क पर अपनी पहचान बताने में डर लगता है और यह साबित किया गया है कि उसने पैसे देकर नौकरी पाई है। तृणमूल ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा अस्वस्थ माहौल पैदा किया है। हम नहीं चाहते कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐसा बुरा दिन फिर से लौट कर आए। वहीं बिल को लेकर पूछे गए सवाल पर एक और शिक्षक नेता ने कहा कि यह बिल सही दिशा में उठाया गया कदम है।

उन्होंने कहा कि देखिए कई यूनिवर्सिटी ऐसी हैं जहां बहुत अनुभवी टीचर हैं लेकिन वहां विद्यार्थी कम हैं। वहीं दूसरी तरफ कई नई और छोटी विश्वविद्यालय हैं जहां एक भी परमानेंट टीचर नहीं है, कहीं-कहीं तो सिर्फ एक परमानेंट टीचर के भरोसे पूरी यूनिवर्सिटी चल रही है।

ऐसी स्थिति में तुरंत नई भर्ती करने में समय लगेगा। इसलिए जो अनुभवी टीचर हैं, उन्हें एक साल, दो साल, तीन साल या दस साल के लिए उन नई और छोटी यूनिवर्सिटीज में भेजा जाएगा तो वहां के छात्रों को भी एक अच्छा माहौल मिलेगा। उन्हें अच्छे शिक्षकों से मिलने और ज्ञान लेने का मौका मिलेगा, जो छात्रों के लिए अच्छा ही है।

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