निगम के ठेका श्रमिकों ने वेतन वृद्धि और स्थाईकरण की मांग पर निगम कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन
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आसनसोल :आसनसोल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वाटर डिपार्टमेंट के कैजुअल वर्कर्स ने आज निगम मुख्यालय के सामने बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में आसनसोल म्युनिसिपल कॉरपोरेशन कैजुअल वर्कर्स वॉटर डिपार्मेंट का बैनर लिए मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे श्रमिक नेता ने कहा कि हम पंप हाउस से वाटर सप्लाई और अन्य सभी जोन में काम करते हैं। हम इमरजेंसी जॉब करते हैं, आंधी, पानी, तूफान में भी ड्यूटी करते हैं। लेकिन आज भी हमें सिर्फ 357 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 778 रुपये प्रतिदिन घोषित की है, लेकिन हम उस मुकाम तक भी नहीं पहुंच पाए हैं। हमने सीईओ और सीओ से अनुरोध किया है कि हमें यह 778 रुपये प्रतिदिन की हाजिरी दी जाए ताकि हम अपने परिवार का पेट पाल सकें।
प्रदर्शनकारी मजदूरों ने कहा कि हमारे पास न तो पीएफ है, न ही ईएसआई है, कोई अन्य सुविधा नहीं है। हम स्थायी जगह पर अस्थायी रूप से काम कर रहे हैं। हम स्थायी नौकरी जैसा ही काम कर रहे हैं तो हमें स्थायी क्यों नहीं किया जा रहा? आज एक किराना दुकान में काम करने वाले को भी पीएफ, ईएसआई मिलता है, लेकिन हम सभी सुविधाओं से वंचित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमें सरकारी नियम के अनुसार छुट्टी का पैसा, बोनस भी नहीं मिलता। सरकार कहती है सरकारी बोनस मिलेगा, लेकिन हमें उस तरह से नहीं दिया जाता। हम 18 साल, 20 साल, 25 साल और 28 साल से लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन कोई फल नहीं मिला।
श्रमिकों ने कहा कि हम कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, हम अपने श्रम के बदले सिर्फ न्यूनतम मजदूरी मांग रहे हैं। स्थायी स्टाफ 60-75 हजार रुपये वेतन पाता है, हम वह नहीं मांग रहे, हम सिर्फ कैजुअल का जो सरकारी रेट 778 रुपये है वही मांग रहे हैं। साथ ही पीएफ, ईएसआई, छुट्टी और बोनस लागू किया जाए और हमें स्थायी किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हमारे पास जीने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने कहां कि प्रशासन को को हमारी बात सुननी होगी।














