लक्ष्यम कोचिंग सेंटर के छात्र प्रथम दोकनिया ने नीट की परीक्षा में निकाला बेहतरीन नतीजा
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आसनसोल :कहते हैं अगर किसी इंसान को सही मार्गदर्शन करने वाला गुरु मिल जाए तो धरती पर ऐसा कुछ भी नहीं जिसे वह हासिल ना कर सके अर्जुन भी अर्जुन ना बन पाए अगर द्रोणाचार्य ना होते सिकंदर भी सिकंदर ना होते अगर अरस्तु ना होते इसलिए किसी व्यक्ति के जीवन में सफलता पाने के लिए सही मार्गदर्शन दिखाने वाले गुरु का होना अति आवश्यक है जमुरिया के रहने वाले प्रथम दुकनिया नमक विद्यार्थी के जीवन में भी यह बात सही साबित होती है प्रथम ने इस साल नीट की परीक्षा में 720 अंकों में से 625 अंक हासिल किया अब प्रथम भारत के किसी भी एम्स जैसे अस्पताल में डाक्टरी की पढ़ाई करने के योग्य हो गए हैं और प्रथम की इस सफलता पर आज आसनसोल के मुर्गा सॉल्व इलाके में लक्ष्यम नमक कोचिंग सेंटर में जश्न का माहौल देखा गया ढोल बजाकर सभी सहपाठियों ने प्रथम की खुशियों को साझा किया उन्हें कोचिंग सेंटर के संस्थापक और सीईओ विवेक कुमार सिंह के नेतृत्व में लक्ष्यम कोचिंग सेंटर के सभी फैकल्टी मेंबरों ने बधाई दी आपको बता दें कि मुर्गा साल के लक्ष्यम कोचिंग सेंटर मैं प्रथम दुकनिया ने कक्षा 11 से पढ़ाई की है और आज उन्होंने नीट की परीक्षा में यह अभूतपूर्व सफलता हासिल की इस बारे में विवेक कुमार सिंह ने बताया कि जब उन्होंने इस कोचिंग सेंटर की स्थापना की थी तब उनके मन में सिर्फ एक ही मकसद था कि वह बच्चों को सही मार्गदर्शन दे सकें ताकि हर बच्चा अपने योग्यता और प्रतिभा के अनुसार अपने जीवन में सफलता हासिल कर सके उन्होंने कहा कि प्रथम इस बात का सबूत है कि अगर कोई एकाग्र होकर अपने लक्ष्य की प्राप्ति की तरफ आगे बढ़ता रहे तो एक ने एक दिन उसे मंजिल जरूर हासिल होती है और प्रथम ने वह कर दिखाया है इसके लिए लक्ष्यम कोचिंग सेंटर के हर एक फैकल्टी मेंबर को प्रथम पर गर्व है विवेक कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम ने कोचिंग सेंटर के अपने फैकल्टी मेंबर की बातों को अक्षरशः सुना और उसे अपनी पढ़ाई में इस्तेमाल किया उसने बहुत मेहनत की और आज उसकी मेहनत रंग ला रही है विवेक कुमार सिंह ने प्रथम को फूलों का गुलदस्ता डॉक्टर का एप्रन और स्टेथोस्कोप वही प्रथम ने लक्ष्यम कोचिंग केंद्र के संस्थापक और सीईओ विवेक कुमार सिंह को धन्यवाद दिया इसके साथ ही उन्होंने अपने सभी फैकल्टी मेंबरों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उसे अपने घर के सदस्य के तौर पर प्रशिक्षित किया प्रथम ने कहा कि इस कोचिंग सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर विद्यार्थियों को सिर्फ पेशेवर तरीके से नहीं देखा जाता उनके साथ एक घरेलू और अपनापन का रिश्ता कायम किया जाता है जिस वजह से वह यहां पर काफी सुकून के साथ पढ़ाई कर सके प्रथम ने कहा कि विवेक सर ने जमुरिया के बजाय यहीं पर निशुल्क रहने खाने का इंतजाम करके 1 साल तक उसे पढ़ाया नीट के लिए तैयार किया और यही वजह है कि आज वह इस उपलब्धि को हासिल कर सके प्रथम ने इसके लिए ईश्वर अपने माता-पिता के साथ-साथ विवेक कुमार सिंह और लक्ष्यम कोचिंग सेंटर को धन्यवाद दिया प्रथम ने बताया कि भविष्य में वह अपने योग्यता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर बनना चाहते हैं और जरूरतमंदों का इलाज करना चाहते हैं














