अतिक्रमण हटाने के अभियान का कांग्रेस द्वारा किया गया था विरोध आज अधिकारियों को शो काज का कांग्रेस ने किया स्वागत
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आसनसोल :कल आसनसोल बाजार इलाके में अतिक्रमण हटाने का जो अभियान चलाया गया था उस समय कांग्रेस नेता प्रसनजीत पुईतुंडी शाह आलम और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने इस अभियान का विरोध किया था। कांग्रेस नेताओं द्वारा जिला शासक से फोन पर संपर्क भी किया गया था इसके बाद अभियान को रोका गया था । आज कुछ हाकरों ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की इस बारे में प्रसनजीत पुईतुंडी ने बताया कि कल जिस तरह से अचानक हाकर हटाओ अभियान चलाया गया था उससे पूरे शहर में अशांति फैलने की आशंका व्याप्त हो गई थी लेकिन कांग्रेस द्वारा हस्तक्षेप किया गया और जिला शासक से बातचीत की गई । इसके बाद यह अभियान बीच में ही रोक दिया गया उन्होंने कहा कि इसके बाद संबंधित मंत्रालय के मंत्री अग्निमित्रा पाल ने उन्हें फोन किया और नगर निगम के कुछ अधिकारियों के अति उत्साह की वजह से जिन दुकानदारों को नुकसान पहुंचा है उन्हें लेकर मिलने के लिए प्रस्ताव दिया । कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सुनकर अच्छा लगा कि भाजपा की मंत्री बातचीत का प्रस्ताव दे रहीं हैं उन्होंने कहा कि मंत्री ने बताया कि 15 दिन का समय दिया गया था इसके बावजूद नगर निगम के तीन अधिकारियों ने अचानक बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने का अभियान चला गया उनको शो काज किया गया है अगर उनके जवाब से प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ तो उनको सस्पेंड भी किया जाएगा कांग्रेस नेता प्रसनजीत पुईतुंडी ने इस पर संतोष व्यक्त किया इसके उपरांत एक और फैसला हुआ है वह यह कि जिन होकरों को नुकसान पहुंचा है उनको अस्थाई तौर पर गिरजा मोड़ के पास जहां पर पोटाला मार्केट बैठता है वहां पर बैठाया जाएगा और उनके लिए प्रशासन की तरफ से कुछ इंतजाम भी किया जाएगा ताकि कुछ हद तक उनके नुकसान के भरपाई हो सके। प्रशासन की तरफ से यह फैसला लिया गया है कि जो हाकर बड़े दुकानों के ठीक सामने बैठते हैं उनको छठ पूजा तक हटाया नहीं जाएगा लेकिन जो हाकर रास्ते के किनारे फुटपाथ पर बैठते हैं उनको 15 दिन का समय दिया गया है उसके बाद उनको पोटाला मार्केट जहां बैठता है वहां बैठाया जाएगा। प्रसनजीत पुईतुंडी ने कहा कि कल कांग्रेस द्वारा जो कुछ मांगे की गई थी उन सबको मान लिया गया है और यह दिखाता है कि जनता की आवाज को सही तरीके से उठाया जाए तो सरकार मानने को मजबूर होती है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मंत्री अग्निमित्रा पाल को धन्यवाद दिया जिन्होंने विपक्ष की बात सुनने का धैर्य दिखाया जो पिछले 15 सालों में देखा नहीं गया था














