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November 5, 2026

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बालू कारोबारियों की मनमानी नदी के बीचों-बीच पांच पोकलेन मशीनों से खनन, आदिवासी-दास समाज के श्मशान घाट पर मंडराया संकट

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आसनसोल :आसनसोल के बराबनी थाना अंतर्गत श्यामापुर क्षेत्र स्थित बालू घाट को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने बालू कारोबारी पाठक पर बालू खनन के निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए नदी के बीचों-बीच भारी मशीनों से बड़े पैमाने पर बालू उठाव करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आदिवासी और दास समाज के वर्षों पुराने श्मशान घाट का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बालू घाट संचालन के लिए निर्धारित नियमों के तहत मजदूरों द्वारा टोकरी अथवा झूड़ी के माध्यम से सीमित क्षेत्र से बालू उठाने की अनुमति होती है। साथ ही खनन के लिए तय लंबाई-चौड़ाई और मानचित्र का पालन करना अनिवार्य है। लेकिन आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने की लालच में नदी के बीच पांच पोकलेन मशीनें उतारकर ट्रक और हाइवा वाहनों में लगातार बालू लोड किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर खनन कार्य चल रहा है, उसके निकट बिंदुडीह और श्यामापुर गांव के आदिवासी तथा दास समाज का श्मशान घाट स्थित है। इसी घाट पर दोनों समुदाय अपने मृतकों का अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं। भारी मशीनों और लगातार हो रहे खनन कार्य के कारण धार्मिक गतिविधियों में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है।
क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में प्रशासन हस्तक्षेप कर खनन कार्य पर रोक नहीं लगाता, तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को बचाने के लिए मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखित शिकायत भेजकर न्याय की मांग करेंगे।
अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं तथा ग्रामीणों की चिंताओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है।

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