आनंदम रेजीडेंसी में विश्व पर्यावरण दिवस पर सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ के बीच हुआ वृक्षारोपण अभियान
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आसनसोल :सनातन धर्म में पर्यावरण को बहुत ज्यादा प्रमुखता दी गई है सनातन धर्म को मानने वाले न सिर्फ देवी देवताओं की पूजा करते हैं परंतु पर्यावरण यानी नदी पर्वत पेड़ पौधे सभी की आराधना करते हैं क्योंकि वह मानते हैं कि पर्यावरण में ही ईश्वर का वास होता है और पर्यावरण को सुरक्षित रखना अत्यधिक आवश्यक है इसलिए इनकी पूजा अर्चना की जाती है जैसा कि हम जानते हैं कि आनंदम रेजिडेंसी आसनसोल में इन दिनों सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जा रहा है कार्यक्रम की आयोजक तथा शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी की शिष्या निभा प्रकाश जी के तत्वावधान सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जा रहा है

आपको बता दें कि निभा प्रकाश जी सनातन धर्म की आनंद वाहिनी की राष्ट्रीय महामंत्री भी हैं और निरंतर इस तरह के धार्मिक आयोजनों को करती रहती है इसके साथ ही पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए हनुमान चालीसा पाठ के बीच ही विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आनंदम रेजीडेंसी में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया इस मौके पर 51 पंडितों के द्वारा 101 पौधे लगाए गए आनंदम रेजिडेंसी के विवेकानंद ठाकुर विपुल मिश्रा तथा उनके सहयोगियों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया इस धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े आयोजकों ने बताया कि सनातन धर्म की यही परंपरा है कि हम अपने आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित और हरा भरा रखने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं और यही वजह है कि हम हमारे पर्यावरण की भी पूजा करते हैं विश्व पर्यावरण दिवस पर 101 पौधे लगाए गए और समाज को एक संदेश देने का प्रयास किया गया कि ईश्वर की आराधना तब तक असंपूर्ण रहेगी जब तक हम ईश्वर की बनाई हुई इस धरती की देखभाल नहीं करेंगे उसको हरा भरा रखने का प्रयास नहीं करेंगे उन्होंने सभी से इस धरती को सुरक्षित, पर्यावरण को साफ सुथरा और हमारी अगली पीढ़ी के लिए जीने योग्य बनाने की अपील की














