आसनसोल दक्षिण से टीएमसी के टिकट बंटवारे पर पार्षद अशोक रुद्र ने जताया असंतोष भाजपा ने ली चुटकी
1 min readआसनसोल :
आसनसोल दक्षिण से तापस बनर्जी को विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी का टिकट मिलने पर आज आसनसोल नगर निगम के 78 नंबर वार्ड पार्षद अशोक रूद्र ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक संदेश जारी करते हुए कहा कि आसनसोल दक्षिण से जिसे पार्टी का उम्मीदवार बनाया है उस फैसले का वह सम्मान करते हैं लेकिन उनका नाम भी संभावित प्रत्याशियों की सुची में था लेकिन अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया और यहां से दो बार के विधायक तापस बनर्जी को टिकट मिल गया अशोक रूद्र ने कहा कि यह पार्टी का फैसला है वह इसका सम्मान करते हैं। अशोक रूद्र ने कहा कि पिछले 22 वर्षों से वह पार्टी के साथ जुड़े हुए रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की नियुक्ति की मांग हो या बर्नपुर ईसको में काम कर रहे ठेका श्रमिकों को दुर्गापुर स्टील प्लांट में काम करने वाले श्रमिकों से कम वेतन मिलने का मुद्दा हो हर मुद्दे पर उन्होंने अपनी आवाज उठाई है। आज से 22 साल पहले उन्होंने शिक्षकों का मुद्दा उठाया था तब से ममता बनर्जी के साथ उनका परिचय हुआ है और वह ममता बनर्जी को धन्यवाद देना चाहते हैं जिन्होंने समय समय पर उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है अशोक रूद्र ने कहा कि पिछले नगर निगम चुनाव में ऊनको टिकट नहीं मिलता लेकिन ममता बनर्जी के अंतिम समय में हस्तक्षेप की वजह से उन्हें टिकट मिला और वह चुनाव जीते भी लेकिन उनको एमएमआईसी नही बनने दिया गया। उन्होंने कहा कि स्टील प्लांट के मजदूरों के मुद्दे पर उन्होंने आंदोलन शुरू किया था बंगाल में 15 सालों से टीएमसी की सरकार है लेकिन बर्नपुर के स्टील प्लांट में पार्टी का कोई श्रमिक संगठन नहीं था अभी हाल ही में जनवरी में इसका गठन किया गया इन सब मुद्दों पर जब उन्होंने आवाज उठाई तो देखा गया की पार्टी के ही एक मंत्री द्वारा उनके खिलाफ अदालत में मामला दर्ज करवा दिया गया उन्होंने कहा कि वामपंथियों के जमाने में बने पैनल में 2009 में उन्हें नौकरी मिली थी उनकी पत्नी और 2005 में नौकरी मिली थी वर्तमान में वह एक स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं इसलिए ऐसा कोई नहीं कह सकता की 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने अपने लिए कोई फायदा लिया हो उन्होंने हमेशा आम जनता के मुद्दों को उठाया है और उनके समाधान का प्रयास किया है उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा आसनसोल दक्षिण से किसी और को प्रत्याशी बनाए जाने की वजह से उनके समर्थकों में भी निराशा है और बहुत जल्द वह अपने समर्थकों के साथ बैठेंगे और अपने राजनीतिक भविष्य पर फैसला लेंगे लेकिन श्रमिकों और शिक्षकों के लिए वह जो आंदोलन कर रहे हैं वह भविष्य में भी जारी रहेगा। इस बारे में जब हमने आसनसोल उत्तर से भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी से बात की तो उन्होंने कहा कि यह टीएमसी का अंदरूनी मामला है इस पर वह कुछ नहीं बोलना चाहते हालांकि उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अशोक रुद्र का रहे हैं कि वह 22 सालों से टीएमसी पार्टी से जुड़े हुए हैं टीएमसी में यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कौन कितने सालों से पार्टी से जुड़ा हुआ है या पार्टी के लिए आंदोलन करता रहा है टीएमसी में टिकट पाने के शर्त यह है कि पार्टी के सबसे शीर्ष नेतृत्व के साथ उनका समझौता कैसे होता है 75 और 25 का समीकरण कैसे बैठता है उसे पर निर्भर करता है कि किसको टिकट मिलेगा और किसको नहीं मिलेगा क्योंकि यह देखा क्या है कि एक परिवार से कई लोगों को टिकट मिल चुका है ऐसे में जो लोग पार्टी के लिए आंदोलन करते हैं उनको यह समझना चाहिए कि वह किस पार्टी में है














