वेस्ट बंगाल पब्लिक सर्विस कमीशन की परिक्षा नियमों में किए गए बदलाव पर आसनसोल चेंबर आफ कामर्स सचिव शंभूनाथ झा ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र:
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आसनसोल :आसनसोल चेंबर आफ कामर्स के सचिव शंभूनाथ झा ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी को एक पत्र लिखा और पश्चिम बंगाल की एक समस्या की तरफ उनका ध्यान खींचा। उन्होने अपने पत्र में लिखा कि पश्चिम बंगाल ही एक ऐसा राज्य थी जहां कोई भेद भाव नहीं होता । हर प्रांत के लोग यहां शान्ति पूर्वक रहकर जीवन यापन करते हुए आ रहे थे । दुसरे प्रांत से आये हुए ज्यादातर लोग यहीं बस गए हैं। अब यहीं उनका सब कुछ है। परन्तु अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने वेस्ट बंगाल पब्लिक सर्विस कमीशन की इम्तिहान में हिन्दी, उर्दू एवं संताली भाषा को हटाने का निर्देश दिया है। जिसकी सुचना पाकर हिन्दी उर्दू एवं संताली भाषी मायूस हैं। पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति उनकी आस्था है और उनलोगों को समझ नहीं आ रहा है कि सरकार ने इस तरह का फैसला किस तरह ले लिया है । उन्होंने मुख्यमंत्री से नम्र निवेदन किया कि स्कूलों में बंगला विषय की पढ़ाई अनिवार्य किया जाय । जिससे सभी भाषाओं के छात्रों को बंगला सिखने में सहुलियत हो सके । उन्होंने ममता बैनर्जी से अनुरोध किया कि डब्ल्यू बी पी एस सी में किये गये बदलाव के निर्णय को जल्द से जल्द वापस लिया जाय । शंभूनाथ झा ने कहा हिन्दी उर्दू एवं संताली भाषी हमेशा उनके साथ हैं और हमेशा उनके साथ रहेंगे। जिसका जीता जागता उदाहरण है शत्रुघ्न सिन्हा की इतनी बड़ी जीत । उन्होंने आशा जताई कि हिन्दी उर्दू एवं संताली भाषी छात्रों के साथ नाइंसाफी नहीं होगा ।














