दुर्गापुर बार एसोसिएशन के वकीलों के आंदोलन के समर्थन में आसनसोल अदालत में भी वकीलों ने किया प्रदर्शन
1 min read
आसनसोल :दुर्गापुर बार एसोसिएशन के आंदोलन के समर्थन में आसनसोल बार एसोसिएशन ने भी विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों ने आज कोर्ट के कामकाज में हिस्सा नहीं लिया। इस बारे में आसनसोल अदालत के वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर कुंडूने बताया कि दुर्गापुर में पुरानी कोर्ट बिल्डिंग के बाद नई कोर्ट बिल्डिंग बनी है, लेकिन नई बिल्डिंग में वकीलों के बैठने की जगह नहीं दी गई है। हाईकोर्ट से कहा गया है कि वकील ऊपर की मंजिल पर नहीं बैठेंगे, टीन की छत बनाकर बैठने को कहा जा रहा है। जबकि कानून में वकील को आफिसर आफ द कोर्ट कहा गया है और सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि बार एसोसिएशन के लिए प्रॉपर रूम, महिला वकीलों के लिए सैनिटेशन और सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। इस मांग को लेकर दुर्गापुर बार लंबे समय से आंदोलन कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले वेकेशन 5 दिन का होता था, 2 दिन दुर्गापुर और 3 दिन आसनसोल। इस बार जिला जज ने आदेश दिया था कि यहां का मामला वहां फाइल नहीं होगा और वहां का मामला यहां नहीं आएगा, जिसे मान लिया गया था। लेकिन जब दुर्गापुर बार ने आंदोलन तेज करते हुए वेकेशन पर नहीं जाने का फैसला लिया, तो जिला जज ने दुर्गापुर के सारे मामले आसनसोल ट्रांसफर कर दिए। इसे दोहरी नीति बताते हुए आसनसोल बार ने कहा कि यह दुर्गापुर के आंदोलन को तोड़ने की कोशिश है।
एक उदाहरण देते हुए वकीलों ने कहा कि एक बेल कैंसिलेशन का मामला हाईकोर्ट जाने के बाद पूर्व बर्दवान नहीं, बल्कि पश्चिम बर्दवान से पूर्व बर्दवान भेज दिया गया, जिससे मुवक्किलों और वकीलों दोनों को परेशानी हो रही है।
इसी के विरोध में आसनसोल बार ने दुर्गापुर बार के प्रति सहानुभूति और एकजुटता दिखाते हुए आज की तारीख के मामलों में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। दुर्गापुर से आए वकीलों ने भी कामकाज का बहिष्कार किया।














