*आसनसोल मंडल ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मानजनक कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए पीओएसएच अधिनियम पर संगोष्ठी का आयोजन किया*
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आसनसोल :महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (पीओएसएच अधिनियम) पर शुक्रवार को दामोदर सभाकक्ष (न्यू कॉन्फ्रेंस रूम), मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, आसनसोल में एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में देबब्रत चटर्जी, अपर मंडल रेल प्रबंधक/ आसनसोल, आसनसोल के मंडल कार्मिक अधिकारी (प्रभारी) संकेत गोकुल धवने और आसनसोल के मंडल रेल अस्पताल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजनी सिन्हा इस संगोष्ठी में उपस्थित थीं। आसनसोल मंडल के विभिन्न विभागों की महिला कर्मचारियों ने भी इसमें भाग लिया।
संगोष्ठी में पीओएसएच अधिनियम के तीन प्रमुख पहलुओं – रोकथाम, निषेध और निवारण – पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार की पहचान, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, कानूनी सुरक्षा उपायों और अधिनियम के प्रावधानों के तहत आंतरिक समिति (आईसी) की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
उपस्थित अधिकारियों ने शिकायतों के निपटान के दौरान गोपनीयता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता बनाए रखने और महिला कर्मचारियों को आवश्यक संस्थागत सहायता प्रदान करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां महिलाएं बिना किसी भय या भेदभाव के आत्मविश्वास से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। संगोष्ठी के दौरान, महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल से संबंधित मुद्दों, कर्मचारी अधिकारों और उपलब्ध शिकायत निवारण तंत्रों पर अपने विचार साझा करने का अवसर दिया गया। चर्चा में आपसी सम्मान, समानता और जिम्मेदार आचरण पर आधारित कार्य संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।
इस पहल के माध्यम से आसनसोल मंडल ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने तथा पीओएसएच अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। विभाग ने एक सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक कार्यस्थल के निर्माण में निरंतर जागरूकता और सामूहिक भागीदारी के महत्त्व को भी रेखांकित दिया।














