अलविदा नाना पाटेकर – आँखों में अंगार, दिल में दरिया रखने वाला अभिनेता चला गया
1 min read
गोवा :भारतीय सिनेमा ने अपना सबसे बेबाक और दमदार स्वर खो दिया। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हो गया। वे 75 साल के थे।
जानकारी के मुताबिक उन्हें आज सुबह 5:20 बजे डोना पाउला स्थित उनके आवास पर बेहोश पाया गया। परिजन तुरंत उन्हें मणिपाल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने 45 मिनट तक लगातार सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर शेखर सालकर ने इसकी पुष्टि की है।
चार दिन पहले ही 4 अक्टूबर को नाना पाटेकर गोवा में सम्राट क्लब इंटरनेशनल के एक कार्यक्रम में सफेद कुर्ते में नजर आए थे, किसी ने सोचा भी नहीं था कि ये उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति होगी।
1 जनवरी 1951 को मुरुड-जंजिरा में विश्वनाथ पाटेकर के रूप में जन्मे नाना ने सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स से पढ़ाई के बाद थियेटर से अपना सफर शुरू किया और फिर सिनेमा पर राज किया।
`परिंदा`, `क्रांतिवीर`, `तिरंगा`, `अग्नि साक्षी`, `अब तक छप्पन`, `वेलकम` में उदय शेट्टी और मराठी फिल्म `नटसम्राट` तक – उन्होंने हर किरदार में जान फूंक दी। उनके नाम 3 राष्ट्रीय पुरस्कार, 4 फिल्मफेयर अवॉर्ड और 2013 में पद्मश्री सम्मान है।
पर्दे के बाहर वे उतने ही बड़े इंसान थे। मकरंद अनासपुरे के साथ बनाई गई `नाम फाउंडेशन` के जरिए उन्होंने महाराष्ट्र के सूखा पीड़ित किसानों के लिए करोड़ों जुटाए।
उनकी आखिरी फिल्में विशाल भारद्वाज की `O’Romeo` और प्राइम वीडियो की `सूबेदार` रहीं।
आसनसोल टाइम्स की ओर से इस महान कलाकार को विनम्र श्रद्धांजलि।














