साइबर अपराध से बचाव को लेकर साउथ बंगाल फेडरेशन ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा एडीपीसी के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम
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आसनसोल :साइबर अपराधों से बचाव को लेकर साउथ बंगाल फेडरेशन ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के सहयोग से गुजराती भवन में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर डाक्टर प्रणव कुमार ने लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत किया।
उन्होंने कहा कि हमने बहुत सारे सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में देखा है कि लोग कंप्यूटर में पासवर्ड तो लगाते हैं लेकिन उस पासवर्ड को वहीं ऊपर लिख कर चिपका देते हैं। ये ऐसा ही है जैसे दुकान में ताला लगाकर चाबी वहीं लटका दी हो। हम इसे समझ नहीं पाते कि हम गलती कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर आप अपनी साइबर सेफ्टी को लेकर जागरूक हैं, अपने डेटा और इंफॉर्मेशन को प्रोटेक्ट करना चाहते हैं तो थोड़ी सी सुविधा के लिए सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। ऐसा पासवर्ड चुनें जिसे आसानी से क्रैक न किया जा सके। यह पहला बदलाव है जो हमें करना होगा।
दूसरी सबसे अहम बात उन्होंने सही समय पर शिकायत करने को लेकर कही। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध संगठित रूप से किया जाता है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ साल पहले एक गैंग का पर्दाफाश हुआ जिसके मुख्य ऑपरेटर पाकिस्तान में बैठे थे, उनके लोग बिहार से लेकर दुबई तक फैले थे। उन्होंने हवाला का एक पूरा नेटवर्क बना रखा था।
यह गिरोह लोगों को लॉटरी का लालच देता था कि आपको एक करोड़ की लॉटरी लगी है, थोड़ा प्रोसेसिंग चार्ज दीजिए। लोग प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर पैसे भेज देते थे और लॉटरी कभी मिलती ही नहीं थी।
उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में कितने लोग शामिल होते हैं – ऑपरेटर, मिडिल ईस्ट, बिहार और एक पीड़ित। पीड़ित जैसे ही अपने अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करता है, वह पैसा 3 मिनट के अंदर निकाल लिया जाता है। यह इतना फास्ट होता है।
इसीलिए साइबर क्राइम में रिपोर्टिंग का गोल्डन ऑवर बहुत महत्वपूर्ण है, जैसे एक्सीडेंट या हॉस्पिटल में गोल्डन ऑवर होता है, वैसे ही साइबर क्राइम में अगर आप तुरंत रिपोर्ट करते हैं तो पैसे को रुकवाया जा सकता है और वापस लाया जा सकता है।














