हाई कोर्ट द्वारा इलाज के लिए अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति न देने का मंत्री अग्निमित्र पाल ने किया स्वागत
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आसनसोल :सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बैनर्जी अपनी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अर्जी लेकर कोलकाता हाई कोर्ट गए थे लेकिन कोलकाता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की अर्जी नामंजूर कर दी और कहा कि वह पहले एसएसकेएम अस्पताल में जाकर अपनी जांच करवाएं और 7 तारीख को जांच की रिपोर्ट अदालत में जमा करने के लिए कहा गया है। इस मुद्दे पर जब हमने मंत्री अग्निमित्रा पाल से बात की तो उन्होंने अदालत के इस आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले 15 सालों में पुर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में स्वास्थ्य साथी कार्ड बनाया गया है अस्पतालों पर नीला और सफेद पेंट किया गया है दावा किया गया है कि हर जिले में सुपर स्पेशलिटी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाए गए हैं जहां पर बंगाल के 11 करोड़ जनता अपना इलाज करवाती है ऐसे में अभिषेक बनर्जी को अपने इलाज के लिए विदेश जाने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में ममता बनर्जी ने बंगाल में स्वास्थ्य व्यवस्था को इतना नीचे ला दिया है कि आज अस्पतालों में एक बेड पर तीन मैरिज सोने को मजबूर हैं। दवा नहीं है अस्पतालों में चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी नहीं है लेकिन फिर भी वह अभिषेक बनर्जी को यह आश्वासन देना चाहती हैं कि वह बंगाल में ही अपना इलाज कराएं। उनके लिए आयुष्मान भारत कार्ड बना दिया जाएगा उनके लिए अलग से एक बेड उपलब्ध करा दिया जाएगा लेकिन वह अदालत के आदेश के अनुसार एसएसकेएम हॉस्पिटल जाएं और अपना इलाज शुरू करवाएं।














