कौन बनेगा आसनसोल का सांसद ?:
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आसनसोल: 12 अप्रैल यानी मंगलवार को आसनसोल लोकसभा उपचुनाव के बाद बुधवार को जब हम बाजारों में निकले और लोगों से बातचीत की तो एक बात खुलकर सामने आई कि इस बार के आसनसोल लोकसभा उपचुनाव के नतीजों के बारे में कोई भी आत्मविश्वास के साथ कुछ भी नहीं कह पा रहा है जैसा कि हम सब जानते हैं कि पिछले दो बार के लोकसभा चुनाव के नतीजे आसनसोल में भाजपा के पक्ष में रहे थे दोनों ही बार यहां से बाबुल सुप्रीयो भाजपा के टिकट पर चुनाव में खड़े हुए थे और उन्होंने जीत भी हासिल की थी बाबुल सुप्रियो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफी करीबी समझा जाता था उन्होंने बाबुल को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया लेकिन 2019 के बाद काफी समय बीत चुका है राजनीतिक समीकरणों में काफी बदलाव आ चुके हैं सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आज बाबुल सुप्रियो भाजपा छोड़कर टीएमसी में आ गए हैं एक समय नरेंद्र मोदी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक कहने वाले बाबुल सुप्रियो कहना है कि भाजपा में रहकर जनता के लिए अब कुछ नहीं कर पा रहे थे जो वह करना चाहते थे और उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने का भी मन बना लिया था लेकिन बाबुल सुप्रियो का कहना है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के समझाने बुझाने पर उन्होंने अपने फैसला बदला और वह टीएमसी में शामिल हुए हालांकि उनका यह भी कहना है कि वह टीएमसी में प्रथम एकादश में खेलना चाहते हैं अब जबकि उन्होंने बालीगंज विधानसभा उपचुनाव में प्रतिद्वंदिता की है और आसनसोल लोकसभा उपचुनाव के नतीजों के दिन यानी 16 अप्रैल को बालीगंज विधानसभा उपचुनाव के नतीजे भी आएंगे तो देखना यह है कि क्या बालीगंज की जनता उनको स्वीकार करती है या नहीं और अगर स्वीकार करती है तो क्या उनको टीएमसी में प्रथम एकादश में खेलने का मौका मिलता है या नहीं अगर बात आसनसोल लोकसभा उपचुनाव की करें तो यहां पिछले कई वर्षों में पहली बार कांटे की टक्कर देखी गई लोग यह फैसला नहीं ले पा रहे हैं इस बार के चुनाव में जीत किसकी होगी एक तरफ कुछ लोगों का कहना है कि यह सीट पिछले दो बार से भाजपा की रही है और पिछले चुनाव में भाजपा को यहां दो लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल हुई थी इसलिए टीएमसी के लिए उस मार्जिन को कवर करके जीत हासिल करना मुश्किल होगा लेकिन वही टीएमसी नेताओं और समर्थकों का कहना है कि बाबुल सुप्रियो के भाजपा छोड़कर टीएमसी में आ जाने से आसनसोल वासियों को अब यह समझ में आ गया है कि अगर आसनसोल सहित पूरे बंगाल का विकास कर सकती हैं तो वह है ममता बनर्जी यही वजह है कि आसनसोल वासी टीएमसी के समर्थन में ही मतदान करेंगे राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है बालीगंज में बाबुल सुप्रियो के नाम की घोषणा हुई तब उन्होंने आसनसोल को लेकर बयान दिया था कि अगर भाजपा दम है तो आसनसोल की सीट जीतकर दिखाएं आसनसोल से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल ने पलटवार करते हुए कहा था कि बाबूल सुप्रियो यह ना सोचे कि पिछले दो बार भाजपा को जीत उनकी वजह से मिली थे यह सब जानते हैं कि उनकी जीत सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से हुई थी और इस बार भी आसनसोल की जनता नरेंद्र मोदी कोही समर्थन देते हुए भाजपा को जीत दिलवाएगी । वहीं टीएमसी प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा को आसनसोल से खड़ा करने को लेकर भी काफी चर्चाएं हुई एक तरफ जहां टीएमसी ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा जैसा कद्दावर व्यक्तित्व आसनसोल से टीएमसी की टिकट पर खड़ा हुआ है ऐसे में टीएमसी की जीत सुनिश्चित है तो वहीं भाजपा ने उनको बाहरी करार दिया । हालांकि इसके जवाब में शत्रुघ्न सिन्हा ने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर गुजरात के रहने वाले नरेंद्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ सकते हैं और वह वाराणसी में बाहरी नहीं हुए तो वह आसनसोल में बाहरी कैसे हो सकते हैं बहरहाल इन्हीं सब मुद्दा पर आसनसोल की जनता कि राय बंटि हुई नजर आई लेकिन सब एक बात पर एकमत दिखे कि इस चुनाव में असली लड़ाई भाजपा और टीएमसी में ही होगी सबकी जुबां पर एक ही बात है कि कोई भी चुनाव जीते सांसद कोई भी बने लेकिन उसे आसनसोल के विकास को तरजीह देनी होगी ताकि औद्योगिक रूप से एक समय बेहद महत्वपूर्ण रहा यह शिल्पांचल फिर से अपनी पुरानी बुलंदियों को छू सके














