पश्चिम बर्धमान में हुई बंपर वोटिंग 90.33 प्रतिशत लोगों ने किया मतदान एसआईआर का खौफ बना बंपर वोटिंग का कारण?
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:इस बार के बंगाल विधानसभा चुनाव अन्य बार के चुनाव से बहुत अलग थे इसकी सबसे बड़ी वजह थी एसआईआर। नवंबर महीने में जब इस प्रक्रिया की शुरुआत पश्चिम बंगाल में हुई तब से ही टीएमसी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के मन में इस पूरी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल थे एक तरफ जहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन या एस आई आर की जरूरत को समझा जा रहा था ताकि मतदाता सूची को संशोधित किया जा सके वहीं टीएमसी की तरफ से लगातार यह सवाल उठाए जा रहे थे कि बंगाल चुनाव से कुछ महीने पहले इस प्रक्रिया की शुरुआत क्यों की जा रही है? हालांकि यह प्रक्रिया शुरू हुई और पूरे बंगाल के मतदाताओं को इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ा इसे लेकर कई विवाद खड़े हुए सत्ता पक्ष टीएमसी की तरफ से चुनाव आयोग को खरी खोटी सुनाई भी गई यहां तक आरोप लगाए गए की चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर टीएमसी के वोट बैंक को कमजोर करने के लिए यह कर रहा है लेकिन आखिरकार यह प्रक्रिया हुई और 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट जारी किया गया हालांकि इसके बाद भी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी किए गए और फाइनल वोटर लिस्ट में लोगों के नाम जोड़े गए लेकिन फिर भी 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के चुनाव में 14 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए क्योंकि उनका नाम विचाराधीन था। ऐसे में गुरुवार को जब बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान हुआ लोगों की नजरे वोटर टर्न आउट पर थीं। कहां जा सकता है कि इस बार पूरे बंगाल में बंपर वोटिंग हुई पूरे बंगाल में 90% से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया पश्चिम बर्दवान जिले में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला पश्चिम वर्धमान जिले के 9 सीटों पर गुरुवार को बंपर वोटिंग हुई कुल मिलाकर 90.33 प्रतिशत मतदाताओं ने गुरुवार को अपने मताधिकार का प्रयोग किया पांडवेश्वर में यह आंकड़ा 92.13% दुर्गापुर पूर्व में 90.06% प्रतिशत दुर्गापुर पश्चिम में 90.27% प्रतिशत रानीगंज में 90.42 प्रतिशत जमुरिया में 91.79% प्रतिशत आसनसोल दक्षिण में 89.73% प्रतिशत आसनसोल उत्तर में 88.29 प्रतिशत प्रतिशत कुल्टी में 89.92% प्रतिशत तथा बाराबनी में 91.05% मतदान हुआ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बंगाल के लिहाज से भी यह बंपर वोटिंग है अब इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ इस पर मंथन कर रहे हैं । उनके विचार और उनकी राय इस पर बंटे हुए हैं किसी का कहना है कि यह एंटी इनकंबेंसी मतदान है किसी का मानना है कि यह एंटी एसआईआर मतदान है और किसी का कहना है कि यह एस आई आर की डर की वजह से किया गया मतदान है। खैर वजह चाहे कुछ भी हो लेकिन कहा जा सकता है कि बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में बंगाल के लोगों ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया














