आसनसोल साउथ थाने के सब इंस्पेक्टर गौतम कर्मकार को एडीपीसी आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने किया सम्मानित एक हत्याकांड का किया था पर्दाफाश
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:आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट का जब से गठन हुआ है तब से इस क्षेत्र में अपराधों पर नकेल कसने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है पुलिस के इस कोशिश में जब पुलिस अधिकारियों को सफलता मिलती है तो पुलिस विभाग की तरफ से अधिकारियों को सम्मानित भी किया जाता है ताकि वह भविष्य में और बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियां को अंजाम दे सकें। हाल ही में आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने आसनसोल साउथ थाने के एसआई गौतम कर्मकार को एक मामले में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया इस मौके पर आसनसोल साउथ थाना प्रभारी कौशिक कुंडू भी वहां मौजूद थे उन्होंने भी गौतम कर्मकार की हौसला अफजाई की। गौतम कर्मकार ने बतौर इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर जिस मामले का पर्दाफाश किया वह एक हत्या का मामला था
20 अक्टूबर 2020 को आसनसोल के नोनिया नदी के किनारे एक सड़ी गली लाश बरामद हुई थी जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को खबर दी गई पुलिस की टीम वहां पर पहुंची और उन्होंने लाश को अपने कब्जे में ले लिया था। इस पूरे मामले की जांच के लिए साउथ थाने के एसआई गौतम कर्मकार को इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर या आईओ बनाया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जिस व्यक्ति की लाश मिली है उसका नाम हर्षवर्धन है लाश मिलने के अगले दिन यानी 21 अक्टूबर को पोस्टमार्टम हुआ हर्षवर्धन के पिता ने अपने बेटे की लाश को चिन्हित किया और उनसे पूछताछ में पता चला कि हर्षवर्धन अपने दोनों दोस्त राहुल अकुरिया और मोहम्मद याकूब उर्फ़ सुशील के साथ ही ज्यादातर समय बिताया करता था हर्षवर्धन के पिता से यह जानकारी मिलने के उपरांत इस केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर गौतम कर्मकार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने आसनसोल के कल्ला इलाके में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड क्वार्टर से राहुल अकोरिया और मोहम्मद याकूब उर्फ़ सुशील को हिरासत में लिया उनसे कल्ला इलाके के आईओसी कॉलोनी के रहने वाले हर्षवर्धन की मौत के बारे में पूछताछ की गई दरअसल हर्षवर्धन के पिता ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में कहा था कि 17 तारीख को उनके अपने बेटे से आखरी बार बात हुई थी तब उनके बेटे ने बताया था कि वह अपने इन्हीं दो दोस्तों के साथ है उसके बाद से उनका अपने बेटे से कोई संपर्क नहीं हुआ था और 20 अक्टूबर को उनके बेटे की लाश बरामद हुई थी हर्षवर्धन के पिता के इस बयान को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने राहुल और याकूब उर्फ़ सुशील से कड़ी पूछताछ की पहले तो इन दोनों ने अपराध स्वीकार नहीं किया लेकिन बाद में इन्होंने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया घटना के बारे में पता चला है कि यह तीनों दोस्त कल्ला इलाके में मारवाड़ी शमशान के पास बैठकर शराब पी रहे थे इसके बाद वह दोनों नोनिया नदी के पास भी गए। राहुल और याकूब उर्फ़ सुशील ने पुलिस को बताया की शराब पीने के दौरान हर्षवर्धन ने सुशील की पत्नी को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिससे सुशील और हर्षवर्धन में तीखी बहस शुरू हो गई आपको बता दें कि रिश्ते में याकूब उर्फ़ सुशील और राहुल अकोरिया भाई हैं हर्षवर्धन के साथ याकूब उर्फ़ सुशील की बहस ने मारपीट का रुख अख्तियार कर लिया बताया जा रहा है कि इस उत्तेजना में याकूब उर्फ़ सुशील ने एक भारी पत्थर लेकर हर्षवर्धन के सर पर वार किया जिससे उसको गहरी चोट लगी। इतना ही नहीं जूते के फीते से हर्षवर्धन का गला भी घोंटा गया समझा जा रहा है कि इस वजह से हर्षवर्धन की मौत हो गई। आरोपियों के इस कबूल नामे के बाद बाद पुलिस ने जांच के दायरे को बढ़ाया और आरोपियों के पास से हर्षवर्धन की मोटरसाइकिल मोबाइल टैब और उसका मनी बैग बरामद किया गया। यह सारी चीजें अलग-अलग जगह से बरामद की गई थी दरअसल पुलिस की जांच से बचने के लिए और राहुल अकोरिया और मोहम्मद याकूब उर्फ़ सुशील ने यह प्रयास किया था ताकि पुलिस की जांच को भटकाया जा सके लेकिन इस केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर गौतम कर्मकार और उनकी पूरी टीम ने मामले को अंजाम तक पहुंचाया और आसनसोल स्पेशल जज द्वारा आरोपियों को उम्र कैद और जुर्माने की सजा दिलवाई। कहा जा सकता है कि आसनसोल साउथ थाने के सब इंस्पेक्टर गौतम कर्मकार की सूझबूझ की वजह से इस हत्याकांड के दोनों आरोपी पकड़े गए और उन्हें अदालत से उनके किए की सजा मिली












