छठ पर्व से पहले दामोदर नदी में पानी की कमी को लेकर एमएमआईसी गुरदास चटर्जी ने केंद्र सरकार और दामोदर वैली कारपोरेशन को लिया आड़े हाथों:
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आसनसोल :आज आस्था का महापर्व छठ मनाया जाएगा आज श्रद्धालु नदियों और जलाशयों में सूर्य भगवान को पहला अर्घ्य प्रदान करेंगे आसनसोल में दामोदर घाट पर कई हजार श्रद्धालु आते हैं और सूर्य भगवान को अर्ध्य प्रदान करते हैं लेकिन दामोदर नदी में इस साल पानी की भारी कमी देखी जा रही है जिस वजह से यह आशंका पैदा हो गई है कि श्रद्धालु किस तरह से आज का पहला अर्घ्य प्रदान करेंगे इसे लेकर आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी गुरदास चटर्जी ने कहां कि राज्य प्रशासन द्वारा बार-बार दामोदर वैली कॉरपोरेशन से अनुरोध किया गया कि वह दामोदर वैली कॉरपोरेशन से पानी छोड़े ताकि दामोदर नदी में पानी की जो कमी हो गई है वह पूरी हो सके लेकिन दामोदर वैली कॉरपोरेशन इसे लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है जिस वजह से आज स्थिति ऐसी बन गई है कि श्रद्धालुओं के लिए आज शाम पहला अर्घ्य प्रदान करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि दामोदर नदी के दो घाटों कालाझरिया और भुताबुरी में 20 से 25000 लोग अर्घ्य देते हैं। उन्होंने कहा कि दामोदर नदी में पानी बिलकुल नहीं है और कीचड़ निकल रहा है इस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है उन्होंने कहा कि जो भारतीय जनता पार्टी हिंदू और हिंदुत्व की बात करती है उसी भारतीय जनता पार्टी के केंद्र सरकार के पास कितनी फुर्सत नहीं है कि वह छठ जैसे महान पर्व को देखते हुए श्रद्धालुओं को पानी की कमी से होने वाली परेशानी से बचा सके । उन्होंने कहा कि दामोदर वैली कॉरपोरेशन को कई बार कहा गया की छठ को देखते हुए पानी छोड़ा जाए ताकि दामोदर में पानी की कमी पूरी हो लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता भी इस पर खामोश है जबकि अगर आसनसोल नगर निगम की तरफ से कहीं पर छठ घाट की साफ सफाई में कोई हल्की से भी त्रुटि रह जाए तो वह सारा आसमान सर पर उठा लेते हैं जबकि आसनसोल नगर निगम की तरफ से नगर निगम क्षेत्र के सभी छठ घाटों की अच्छी तरह से साफ सफाई की गई है और जिला प्रशासन की तरफ से भी ऐसे इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी ना हो गुरदास चटर्जी ने साफ कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा हिंदू धर्म को लेकर जो चिंता जताई जाती है या हिंदुओं की पैरवी की बात की जाती है वह पूरी तरह से ढोंग है।












