पश्चिम बंगाल मारवाड़ी महिला सम्मेलन की तरफ से हुआ निशुल्क शतरंज वर्कशॉप और प्रतियोगिता का आयोजन:
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आसनसोल :पश्चिम बंगाल मारवाड़ी महिला सम्मेलन की प्रदेश अध्यक्ष बिनीता अग्रवाल के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण प्रकल्प के तहत निःशुल्क शतरंज वर्कशॉप एवं टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। 12 मई से 25 मई तक यह प्रतियोगिता हुई। संगठन की प्रदेश सम्पादिका एवं इस शिविर की संयोजिका मधु डुमरेवाल
ने इसके आयोजन में अहम भूमिका निभाई । प्रदेश अध्यक्ष बिनिता अग्रवाल ने मातृ दिवस के उपलक्ष्य पर उपहार स्वरूप यह प्रतियोगिता महिला सदस्यों को प्रदान किया, जिससे संगठन के सदस्यों को शतरंज की दुनिया में सशक्त बनाया जा सके, उनके शतरंज कौशल को बढ़ावा मिले, साथ ही महिलाएं अपने बच्चों मे भी इसके प्रति रुचि बढ़ाने मे सहायक बन सके।
विशिष्ट अतिथि इंटरनेशनल चेस मास्टर अतनु लाहिरी ने बताया शतरंज एक मजेदार खेल है। यह मस्तिष्क को चुस्त दुरुस्त तो रखता ही साथ ही हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाता भी है, जिससे हम डिप्रेशन और अल्जाइमर जैसी बीमारियों से बच सकते हैं।
बंगाल चेस एसोसिएशन के सचिव अंतरिप रॉय ने बतौर कोच महिला सदस्यों को उत्कृष्ट शतरंज प्रशिक्षण दिया। इसमें शतरंज के बेसिक्स, चेकमेट, गोल्डन रूल्स और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को सिखाया गया।
शिविर के समापन पर एक प्रैक्टिस टूर्नामेंट भी आयोजित किया गया। पश्चिम बंगाल में 40 शाखाएं है जिनमे से आसनसोल, रानीगंज, खड्गपुर, पुरुलिया, मेदनीपुर, रघुनाथपुर, नागेर बाजार आदि कई शाखाओं की प्रतिभागियों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अतनु लाहिरी ने अपने प्रेरणादायक व्याख्यान से महिलाओं का चेस के प्रति बखूबी उत्साहवर्धन भी किया।
इस पहल को विश्व शतरंज संघ द्वारा भी सराहा गया है। इस शिविर के दौरान कई पदाधिकारी भी शामिल हुए एवं सभी ने इस पहल की प्रशंसा की। राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजू सरावगी, राष्ट्रीय सचिव निशा मोदी,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा लाखोटिया,पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शारदा लाखोटिया, राष्ट्रीय नेत्र – अंगदान प्रमुख प्रमुख रेनू अग्रवाल,निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष बबिता बगड़िया,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा सिंघल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेता तिबड़ेवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मधुलिका सिंघानिया ने अपनी शुभकामनाएं दी। आयोजन को सफल बनाने मे महिला सशक्तिकरण प्रांतीय प्रमुख उर्मिल सरावगी का पूर्ण सहयोग रहा। प्रदेश् सचिव कंचन ड्रोलिया, सह प्रमुख शिल्पी अग्रवाल ने भी अपना पूर्ण योगदान देकर इस आयोजन को सफल बनाया। इस संदर्भ में संगठन की तरफ से बताया गया कि मारवाड़ी महिला सम्मेलन पश्चिम बंगाल प्रदेश महिलाओं के लिए ऐसे अनेक कार्य आगे भी करना जारी रखेगा।
सभी शाखाओं के सहयोग से इन कामों के साथ-साथ गर्मी के महीने में 319 गौ सेवा के लिए पानी के कुंड लगाए गए। जगह-जगह प्याऊ खोले गए हैं। बच्चों के लिए पाठ्यक्रम की पुस्तक जमा करके जरूरतमंद बच्चों के बीच उपलब्ध कराई जा रही है। थैलेसीमिया जागरूकता पर अनेक कार्य किए जा रहे है। 225 यूनिट रक्त अभी तक ब्लड डोनेशन कैंप द्वारा संग्रह किया जा चुका है। सेवा के ऐसे कार्य पश्चिम बंगाल मारवाड़ी महिला सम्मेलन के हर सदस्य करते रहेंगे।












