बांग्ला नववर्ष के मौके पर मिड डे मिल मे स्कूली छात्रों के थालीयों मे परोसा गया फ्रायड राईस पुलाव और अंडा मिठाई:
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आसनसोल :हिंदी कैलेंडर के अनुसार, चैत्र का महीना खत्म होते ही बैसाख का महीना शुरू हो जाता है और बंगाली समुदाय के लिए बैसाख माह का पहला दिन बहुत खास महत्व रखता है, ठीक उसी तरह जिस तरह पूरा देश पहला जनवरी को धूम -धाम से नववर्ष मनाता है, बंगाली समुदाय भी बैसाख माह के पहले दिन को नववर्ष के रूप मे बहोत ही धूमधाम से मनाते हैं, बंगाल मे नववर्ष को पोइला बोइशाख भी कहते हैं, बंगाली समुदाय के लोग पोइला बोइशाख यानी साल के पहले दिन घरों की साफ-सफाई करते हैं और नए कपड़े पहनकर मंदिर जाकर भगवान की पूजा करते हैं, बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं, गौ माता की पूजा व उनको भोग भी लगाते है, अच्छे पकवान बनाते हैं और एक दूसरे को नए साल की बधाई देते हैं, इस दिन बंगाली लोग एक-दसूरे को गले मिलकर शुभो नोबो बोरसो कहकर नए साल की शुभकामनाएं देते हैं, शुभो नोबो बोरसो का हिंदी अर्थ होता है ‘नया साल मुबारक हो बंगाल के इन्ही परंपराओं के मद्दे नजर पोयला बैशाख को और भी यादगार बनाने के लिए इस दिन को राज्य दिवस के रूप मे मनाया जा रहा है, इसी के तहत सरकारी स्कूलों मे मिड डे मिल योजना के तहत स्कूली छात्र और छात्राओं के परोसे जाने वाले थालियों को भी कुछ ख़ास बनाया गया, स्कूली छात्र और छात्राओं को मिड डे मिल योजना के तहत उनके थालियों मे परोसी गई विशेष मेंन्यु मे मांस, फ्रायड राईस, पुलाव अंडे और मिठाई दी गई, इस दौरान जिन छात्र और छात्राओं के घरों मे रामनवमी या फिर नवरात्री पालन की जा रही है उनके लिए भेज थाली का वेवस्था किया गया, जिस भेज थाली मे फ्रायड राईस, पनीर और मिठाई दी गई, हालांकि यह कार्यक्रम स्कुल मे नववर्ष के दिन ही आयोजित होनी थी पर रविवार को नववर्ष होने के कारण तमाम स्कूलों मे छुटी थी इस लिए यह कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया गया, राज्य के तमाम सरकारी स्कुलों ने सोमवार को ही स्कुल के छात्र और छात्राओं को मिड डे मिल मे यह विशेष भोजन करवाया, मिड डे मिल मे छात्रों को बांग्ला नववर्ष के मौके पर इस तरह के विशेष भोजन कराने के पीछे सबसे विशेष बात यह भी है की इस भोजन का खर्च स्कुल के सिक्षक अपनी पॉकेट मनी के साथ -साथ स्कुल के विभिन्न कार्यों मे बचे पैसों का भी इस्तेमाल किए हैं, जो काबिले तारीफ है, कुलटी के एक प्राइमरी स्कुल के सिक्षक मोहमद आशिफ ने बताया की सरकार द्वारा मिडे मिल के लिए जो खर्च आता है उस खर्च के अनुसार वह हमेशा यह प्रयास करते हैं की वह बच्चों को खाने पिने के सामान मे कोई कम्परमाइज ना हो साथ मे वह साफ -सफाई पर भी खूब ध्यान देते हैं, उन्होने कहा बच्चों का भी कभी -कभी मन होता है कुछ अच्छा खाना इस लिए वह नए बर्ष या फिर किसी अन्य तयहारों पर उनको कोसिस करते हैं की उनका मिडे मिल का थाली कुछ स्पेशल हो, उन्होंने कहा नववर्ष के मौके पर राज्य की तमाम सरकारी स्कूलों द्वारा मिडे मिल का थाली कुछ स्पेशल करने की पहले से ही योजना थी जिस योजना के तहत उनकी यह छोटी सी कोसिस है, वहीं सरकरी स्कूलों मे उठाए गए इस ख़ास कदमो को लेकर मिड डे मिल व पीएम पोषण योजना की निदेशक परमिता राय ने पहले ही कहा है की अगर कोई स्कुल तय मेनू से आगे बढ़कर नए साल की पूर्व संध्या स्कूली बच्चों को कुछ ख़ास खिलाता है, तो उन स्कूलों को प्रोत्साहित किया जाएगा














