उल्टा रथ के दौरान हुए हादसे में घायल सोमनाथ दे के साथ खड़े हुए समाजसेवी कृष्णा प्रसाद:
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आसनसोल :आसनसोल के प्रख्यात समाजसेवी कृष्णा प्रसाद हमेशा लोगों के दुख दर्द में उनके साथ खड़े रहते हैं हर जरूरतमंद की मदद करना वह अपना दायित्व समझते हैं इसी क्रम में उन्होंने सोमनाथ दे नामक एक व्यक्ति की मदद करने का फैसला लिया यह सोमनाथ दे वहीं है जो आसनसोल के बुधा मैदान में उल्टा रथ के दिन पंडाल गिरने से हुए हादसे में घायल हो गए थे उनके कमर और सर पर चोटें आई हैं उनको आसनसोल के कोर्ट मोड़ इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है इस बात की जानकारी होते ही समाजसेवी कृष्णा प्रसाद इस्कॉन के पदाधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचे और उन्होंने घायल सोमनाथ दे और चिकित्सकों से मुलाकात की चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि अगले 3 महीने उनको बेड रेस्ट की आवश्यकता है समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने सोमनाथ दे तथा इस्कॉन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि उनके इलाज के लिए जिस प्रकार की मदद की जरूरत होगी वह मदद वह करेंगे इस बारे में कृष्णा प्रसाद ने कहा कि उल्टा रथ के दौरान एक हादसा हुआ था जिसमें सोमनाथ दे घायल हो गए थे भगवान जगन्नाथ की असीम कृपा से उस दिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ था और भगवान ने जैसे भक्तों की रक्षा करने के लिए वह पंडाल अपने रथ पर ले लिया था वरना बहुत बड़े पैमाने पर प्राण हानि हो सकती थी कृष्ण प्रसाद ने कहा कि जिस तरह से भगवान जगन्नाथ देव ने अपने भक्तों की रक्षा की उससे एक बात तो साबित हो गई कि भगवान के कृपा बनी रहे तो उनके भक्त को कोई नुकसान नहीं हो सकता उन्होंने कहा कि वह सोमनाथ दे और उनके परिवार के साथ हैं इस्कॉन के पदाधिकारियों को भी उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी अगर किसी प्रकार की मदद की जरूरत पड़ी तो वह भी उपलब्ध कराई जाएगी इस मौके पर उनके साथ मौजूद इस्कॉन के गुरुजी ने कृष्णा प्रसाद को धन्यवाद दिया और कहा कि जिस तरह से समाजसेवी कृष्ण प्रसाद उनके साथ खड़े हुए हैं वह सराहनीय है उन्होंने इसके लिए कृष्ण प्रसाद को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह भगवान जगन्नाथ देव जी की कृपा है कि उन्होंने इस संकट की घड़ी में कृष्णा प्रसाद जैसे अपने भक्तों को सोमनाथ दे की मदद के लिए भेजा है उन्होंने कहा कि जिस तरह से कृष्णा प्रसाद मानव सेवा कर रहे हैं वह अनुकरणीय है और अन्य लोगों को भी इस राह पर चलना चाहिए । उन्होंने कहा कि सिर्फ सोमनाथ दे के इलाज में मदद नहीं जिस दिन हादसा हुआ था उस दिन भी कृष्णा प्रसाद तुरंत घटनास्थल पर आए थे और हाइड्रा के जरिए पंडाल को उठाने का इंतजाम किया था












