मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ कुणाल सरकार पहुंचे आसनसोल किया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर:
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आसनसोल :मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ कुणाल सर्कार आज आसनसोल के कोर्ट मोड़ इलाके में स्थित स्टर्लिंग अस्पताल पहुंचे यहां पर उन्होंने मरीजों की निशुल्क जांच की । स्टर्लिंग अस्पताल परिसर में लगाए गए इस जांच शिविर में डॉ कुणाल सरकार ने मरीजों के दिल की जांच की और उनको जरूरी सलाह प्रदान की इसके उपरांत उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन भी किया जहां उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र से लेकर समसामयिक विषयों पर पत्रकारों के विभिन्न सवालों के जवाब दिए अपने चिर परिचित अंदाज में उन्होंने विभिन्न सवालों के सटीक जवाब दिए विशेषकर चिकित्सा क्षेत्र को लेकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखें उन्होंने कहा कि आए दिन हम सुनते हैं कि किसी ना किसी अस्पताल या नर्सिंग होम में आम जनता के द्वारा चिकित्सकों पर हमले किए जाते हैं उन्होंने कहा कि यह एक खतरनाक चीज है जो तुरंत बंद होनी चाहिए क्योंकि कोई भी चिकित्सक जानबूझकर चिकित्सा में लापरवाही नहीं करता उन्होंने कहा कि हमारी चिकित्सा व्यवस्था ही इतनी लचर है कि चिकित्सक चाहते हुए भी हमेशा मरीजों का सही इलाज नहीं कर पाते इसके साथ ही उन्होंने आज कम उम्र के बच्चों और नौजवानों में भी दिल की बीमारी होने के बारे में कुछ जरूरी बातें सामने रखी उन्होंने कहा कि आज हमारी दिनचर्या और हमारा जीवन यापन ऐसा हो गया है कि हम ना चाहते हुए भी बहुत कम उम्र से ही दिल की बीमारियों का शिकार बनते जा रहे हैं इसके लिए उन्होंने अपनी लाइफ स्टाइल में परिवर्तन लाने स्वस्थ खाना खाने स्वस्थ जीवन जीने की सलाह दी उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर जो दबाव है वह तो कम नहीं किया जा सकता चाहे वह पढ़ाई का दबाव हो चाहे वह नौकरी का हो या घर परिवार का लेकिन हम अपनी सेहत का ध्यान जरूर रख सकते हैं और शराब सिगरेट आदि व्यसनों से दूर रह सकते हैं जिससे कि इस तरह की बीमारियां ना हो वही जेनेरिक और नान जेनेरिक दवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें भी चिकित्सकों का कोई हाथ नहीं है सरकार ही अगर नियमों में परिवर्तन ना करें तो चिकित्सक भी क्या कर सकते हैं उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के तौर पर हम भले ही अपने जनता की सेहत को लेकर थोड़ा संजीदा हुए हो लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है उन्होंने बताया कि जब भारत आजाद हुआ था तब 60 साल की उम्र तक बहुत कम लोग जी पाते थे लेकिन आज बहुत से उम्र दराज लोग हैं जो स्वस्थ जीवन जी रहे हैं यह निस्संदेह है हमारी चिकित्सा व्यवस्था की प्रगति दिखाती है वही प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु दर नवजात शिशु की मृत्यु दर में भी कमी आई है यह सब निसंदेह ही हमारी चिकित्सा व्यवस्था की उन्नति का परिचायक है लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की गुंजाइश है और हम सब को एकजुट होकर इस के लिए काम करना है












