सामाजिक संस्था फर्स्ट केयर चैरिटेबल फाउंडेशन की तरफ से पर्यावरण दिवस पर किया गया वृक्षारोपण:
1 min read
बर्नपुर :विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज फर्स्ट केयर चैरिटेबल फाउंडेशन के सदस्यों की तरफ से रिवर साइड बैंक कॉलोनी, स्कॉल, ऑफिस, दफ़्तर, और कम्युनिटी हॉल मैं 120 से अधिक पौधे लगाए गए। इसके साथ ही संगठन के सदस्यों द्वारा सिंगल युज प्लास्टिक का पर्यावरण पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया तथा “सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया। इतना ही नहीं आम लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए संगठन द्वारा बर्नपुर और आसनसोल में बस स्टैंड, स्टेशन रोड, बीएनआर मोड़ आदि इलाकों में लोगो के बीच 1000 से भी अधिक मात्रा मैं कॉटन एवं जुटे से बने शॉपिंग बैग वितरित किए गए। यह अभियान आज शाम को शांतिनगर तथा डेली मार्केट में फिर से चलाया जाएगा ।

इस मौके पर इस एनजीओ के संस्थापक तथा महासचिव एवं खेल शिक्षक जी.एन.एम.एच.एस. एवं आसनसोल जोनल कौंसिल फॉर स्कूल गेम्स एंड स्पोर्ट्स के सचिव परमजीत सिंह ने कहा कि इंसान अपने पर्यावरण की सेहत के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं कर सकता । उन्होंने कहा कि पर्यावरण दिवस हर किसी को मनाना चाहिए। पर्यावरण को बचाना एक बड़ी जंग हैं जिसे एकजुट होकर इस लड़ना होगा। उन्होंने अधिक से अधिक पेड़ लगाने और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक हमारे पर्यावरण के लिए बहुत खतरनाक है इसके हानिकारक प्रभावों की सूची अनगिनत है। इसलिए सभी को आज से ही एक छोटी सी पहल करनी चाहिए, प्लास्टिक की जगह कागज या कपड़े से बने शॉपिंग बैग का उपयोग करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा उठाया गया एक छोटा सा कदम भविष्य में बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। इस मौके पर संगठन के उपाध्यक्ष पवन गुटगुटिया तथा,अजय रॉय असलम खान, विप्लब माजी, आतिश सिन्हा, चरणजीत सिंह, दलजीत सिंह, एस के शर्मा, शार्दूल प्रसाद, सहित संगठन से जुड़े तमाम लोग मौजूद रहे। आपको बता दें कि फर्स्ट केयर चैरिटेबल फाउंडेशन ना शरीफ इस तरह के सामाजिक कार्यों को प्रमुखता के साथ करता है बल्कि समाज से कुरीतियों को दूर करने और लोगों की सोच को बदलने की दिशा में भी सार्थक कदम उठाता है हाल ही में संगठन की तरफ से नालों गटर आदि की साफ सफाई करने वाले सफाई कर्मचारियों को न सिर्फ दस्ताने आदि कुछ जरूरी सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए गए उनको सम्मानित भी किया गया ।

इस कार्यक्रम के पीछे संस्था की सोच यह थी कि जिन सफाई कर्मचारियों को हम इस जमाने में भी अपने पास लाने से हिचकते हैं उनको समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उनके अंदर अगर किसी भी तरह के कमतरी का एहसास है तो उसे दूर किया जाए और समाज को यह संदेश दिया जाए की कोई इंसान चाहे कोई भी काम क्यों ना करें हम सब एक हैं












