पश्चिम बंगाल श्रमिक कल्याण प्राधिकरण की तरफ से हुआ मई दिवस का आयोजन:
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आसनसोल :पश्चिम बंगाल श्रमिक कल्याण प्राधिकरण की तरफ से आज मई दिवस के अवसर पर आसनसोल के रविंद्र भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस मौके पर आसनसोल उत्तर के विधायक राज्य के कानून तथा श्रम मंत्री मलय घटक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे इनके अलावा पश्चिम बर्दवान जिला आईएनटीटीयूसी अध्यक्ष अभिजीत घटक रानीगंज के विधायक और एडीडीए चेयरमैन तापस बनर्जी बोरो चेयरमैन अनिमेष दास राजेश तिवारी डॉ देवाशीष सरकार उत्पल सिन्हा एमएमआईसी गुरदास चटर्जी आसनसोल दुर्गापुर के विभिन्न पार्षद और पश्चिम बंगाल श्रम प्राधिकरण के तमाम आला अधिकारी उपस्थित थे इसके साथ ही बड़ी संख्या में टीएमसी और उनके विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी उपस्थित थे । इस मौके पर तापस बनर्जी ने कहा की आज मई दिवस है आज ही के दिन 8 घंटा काम करने की मांग पर अमेरिका के शिकागो में श्रमिकों ने आंदोलन किया था जिस पर पुलिस ने गोली चलाई थी उसके बाद से हर साल मई दिवस का आयोजन किया जाता है तापस बनर्जी ने आज अपने भाषण में एक महत्वपूर्ण विषय की तरफ सबका ध्यान आकर्षित किया उन्होंने कहा कि शिल्पांचल में ऐसे कई कल कारखाने हैं जो पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए श्रमिकों का शोषण करते हैं उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य सरकार की तरफ से जो न्यूनतम वेतन देने की बात कहीं गई है शिल्पांचल के कई कारखाने ऐसे हैं जहां पर श्रमिकों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जाता इसके साथ ही जो अन्य सुविधाएं श्रमिकों को मिलनी चाहिए जिस का प्रावधान पश्चिम बंगाल राज्य सरकार द्वारा कानून में रखा गया है उनसे भी श्रमिकों को वंचित किया जाता है उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देने की गुजारिश की वही तापस बनर्जी ने एक और मुद्दे की तरह मंत्री मलय घटक तथा सभी श्रम विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया वह है श्रमिकों का ए और बी कैटेगरी में विभाजन उन्होंने कहा कि ऐसे कई श्रमिक है जिनको ए कैटेगरी में होते हुए भी बी कैटेगरी का वेतन मिलता है। तापस बनर्जी ने इस तरफ भी अधिकारियों को ध्यान देने का अनुरोध किया वही राज्य के श्रम तथा कानून मंत्री मलय घटक ने अपने वक्तव्य में भी मई दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि 2011 के बाद जब से राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ है पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कई परियोजनाएं लागू की गई हैं उन्होंने वामपंथी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह सिर्फ श्रमिकों के हितों की रक्षा की लंबी लंबी बातें करते थे लेकिन श्रमिकों के हितों की असली रक्षा अगर किसी ने की है तो वह है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मलय घटक ने कहा कि पहले 61 ऐसे क्षेत्र थे जिनमें श्रमिकों को न्यूनतम वेतन दिया जाता था और वह भी सिर्फ 2200 रुपए । 2011 में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ था तब श्रमिकों को 2200 रुपए न्यूनतम वेतन दिया जाता था वह भी सिर्फ 61 क्षेत्रों में लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आते ही इसे तीन गुना बढ़ा दिया और आज श्रमिकों को न्यूनतम वेतन 9000 से कुछ ज्यादा रुपए मिलते हैं इसके साथ ही जो न्यूनतम वेतन पाने का क्षेत्र है उसे 61 से बढ़ाकर 91 किया गया है इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी करारा प्रहार किया उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार सिर्फ श्रमिक हितों की बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन आज श्रमिक हितों को भाजपा सरकार कुचलने पर आमादा है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो 4 श्रम कोड लागू करने की बात कही जा रही है उसका ममता बनर्जी पहले दिन से विरोध करती आ रही है यही वजह है कि भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों में यह श्रम कोड भले ही लागू हो चुके हैं लेकिन पश्चिम बंगाल में अभी तक इनको लागू करने नहीं दिया गया है इन श्रम कोडों के जरिए श्रमिक नेताओं को कुचलने की साजिश रची जा रही है 8 घंटे काम करने की मांग पर आंदोलन की वजह से जो मई दिवस बना था इस श्रम कोड में उस 8 घंटे कार्य समय सीमा को बढ़ाकर 12 घंटे करने की बात कही गई है ठीक वैसे ही और भी कई क्षेत्र हैं जिनमें श्रमिक हितों को पूंजीपतियों के हितों के लिए खत्म करने की साजिश रची जा रही है उन्होंने साफ कहा की श्रमिक हितों की रक्षा के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी सरकार प्रतिबद्ध है । मलय घटक ने अपने वक्तव्य में वामपंथियों के बारे में कहा कि वह श्रमिक हितैषी नहीं बल्कि वह। पूंजीपतियों के हित में श्रमिकों के स्वार्थों को तिलांजलि देते थे यही वजह है कि 2011 से पहले 22 साल तक वामपंथी शासन काल में न्यूनतम वेतन 1 रुपए भी नहीं बढ़ा वही ए कैटेगरी और बी कैटिगरी के मुद्दे पर स्पष्टीकरण देते हुए मलय घटक ने कहा कि यह नियम केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया है और यह राज्य सरकार का नियम नहीं है । कार्यक्रम के दौरान आसनसोल के युवक देबू मुखर्जी जिन्होंने हाल ही में पैदल आसनसोल से लद्दाख तक का सफर तय किया था उनको मलय घटक और तापस बनर्जी द्वारा सम्मानित किया गया ।













