स्थानीय वाहन मालिकों का सांकतोड़िया में ईसीएल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन:
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कुल्टी :ईसीएल ने स्थानीय लोगों को छोड़कर बाहर से 65 वाहनों के टेंडर किए हैं। परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों ने ईसीएल को दिए गए सभी वाहनों को रोककर विरोध जताया। उन्होंने कुल्टी के संकटोरिया में ईसीएल मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि 2017 से स्थानीय लोगों के 57 व्यावसायिक वाहन चल रहे थेलेकिन अचानक ईसीएल के अधिकारियों ने 65 वाहनों को बाहर से टेंडर कर दिया। स्थानीय वाहन मालिकों ने इसका विरोध किया। उन्होंने मांग की कि पुराने टेंडर को तुरंत एक साल के लिए बनाए रखा जाए । इस बारे में एक वाहन मालिक सतिनंदन पात्रा ने बताया कि ईसीएल द्वारा अचानक बाहरी लोगों को टेंडर दिया गया और 65 गाड़ियों के परिचालन की अनुमति दी गई इससे यहां के जो स्थानीय वाहन चालक और मालिक है उनके सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है उनका कहना था कि ईसीएल ने जिस तरह से टेंडर निकाल कर बाहरी लोगों को वाहन चलाने की अनुमति प्रदान की है वह पूरी तरह से गैरकानूनी है उनकी मांग है कि उस टेंडर को खारिज किया जाए स्थानीय लोगों को ही वाहन चलाने की अनुमति प्रदान की जाए और जो वाहन चालक हैं उनको केंद्र सरकार के पारिश्रमिक के अनुसार पारिश्रमिक दिया जाए उन्होंने कहा कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री लोकल के लिए वोकल होने के बाद करते हैं और इधर ईसीएल द्वारा स्थानीय वाहन चालकों और मालिकों के साथ इस तरह का बर्ताव किया जा रहा है उन्होंने कहा कि ईसीएल द्वारा इस तरह से स्थानीय वाहन मालिकों को वाहन चलाने की अनुमति प्रदान करने के पीछे वजह यह थी कि इससे स्थानीय स्तर पर कुछ युवाओं को रोजगार मिलेगा लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि प्रबंधन बड़े पैमाने पर एक संस्था को सारे टेंडर प्रदान करना चाहती है जिसका उन्होंने पुरजोर विरोध किया और उस टेंडर को खारिज कर स्थानीय स्तर पर वाहन चालकों को कम से कम 1 साल के लिए वाहन चलाने की अनुमति प्रदान करने की मांग की वही प्रदर्शन कर रहे एक और व्यक्ति दीपक चटर्जी का भी कुछ ऐसा ही कहना था उन्होंने भी कहा कि इस टेंडर से जो स्थानीय वाहन मालिक और चालक हैं वह बेरोजगार हो जाएंगे उनका साफ कहना था कि बाहरी लोगों को जो टेंडर प्रदान किया गया है वह खारिज किया जाए स्थानीय लोगों को कम से कम 1 साल के लिए वाहन चलाने की अनुमति प्रदान की जाए और वाहन चालकों को जो पारिश्रमिक मिलता है वह केंद्र सरकार के वेतन के अनुसार दिया जाए उन्होंने बताया कि ईसीएल द्वारा जो यह कार्य किया गया है उससे स्थानीय वाहन मालिकों को अब टेंडर पाने वाले संस्था के अधीन होकर काम करना होगा जो उन्हें मंजूर नहीं है












