दुर्गापुर: बच्चे की परीक्षा को देखते हुए मां ने अपने बेटे को ऑनलाइन गेम खेलने से मना किया इससे आहत होकर किशोर ने की आत्महत्या
1 min readआसनसोल टाइम्स जाहिद अनवर
दुर्गापुर । कोरोना काल में स्कूल कॉलेज बंद हैं। पुरी पढ़ाई ऑनलाइन की जा रही है। ऐसे में मोबाइल अब बच्चों के लिए समय बिताने या खेलने का जरिया नहीं बल्कि एक जरुरत एक आदत बन चुकी है। इनमें से कई बच्चे ऐसे भी हैं जिनको ऑनलाइन गेम खेलने की आदत लग जाती है। जिसे छुड़ाने की कोशिश करना कभी कभी घातक साबित हो जाता है। ऐसा ही एक वाकया दुर्गापुर में सामने आया। बच्चे की परीक्षा को देखते हुए तो मां ने अपने बेटे को ऑनलाइन गेम खेलने से मना किया था। इससे आहत होकर उस किशोर ने आत्महत्या कर ली।

रविवार को दुर्गापुर अनुमंडल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृत राश राउत दुर्गापुर के बेनाचिटी से सटे नटुनपल्ली इलाके का रहने वाला था। दसवीं कक्षा के छात्र राश के पिता ट्रक ड्राइवर हैं। कम कमाई के बावजूद किसी तरह अपने बेटे को एक निजी स्कूल में भर्ती किए थे। मां ने जब बेटे को मोबाइल छोड़ने के लिए कहा तो उसने दरवाजा बंद कर लिया। घटना की जानकारी देते हुए मां ने कहा कि काफी देर तक बुलाने के बाद भी उसने आवाज नहीं खोला।

जैसे ही दरवाजा तोड़ा गया तो देखा बेटे का शव फांसी के फंदे पर लटका है। यह मंजर देखकर पुरा परिवार फूट-फूट कर रोने लगा। शव को दुर्गापुर अनुमंडल अस्पताल लाया गया। रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। बार-बार ऑनलाइन मोबाइल गेम्स के कारण एक के बाद एक किशोरों की मौत ने मनोवैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। घटना से पुरे इलाके मे शोक की लहर दौड़ गई है। राश के घर के बाहर जुटे लोगों का कहना था कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही तो मोबाइल की आवश्यकता है। लेकिन इन्होने ऑनलाइन गेम्स को बंद करने की मांग की। इनका कहना है कि इन गेम्स के कारण कई गोद उजड़ चुके हैं ।

वहीं राश की बहन नेहा ने कहा कि इससे पहले भी जब मां राश को डांटती थीं तो वह ऐसे ही खुद को कमरे में बंद कर लेता था लेकिन एक दो घंटे बाद खुद ही बाहर आ जाता था । आज जब वह नहीं निकला तो मां ने दरवाजे को धक्का दिया । दरवाजे की कुंडी खुल गई । अंदर जाकर देखा तो राश का शव लटक रहा था । वहीं बच्चे की दादी ने रोते बिलखते हुए ऑनलाइन गेम्स को उनके पोते की मौत का कारण बताया।












