पांडवेश्वर बंकोला में पांडेश्वर के पूर्व टीएमसी विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के आवास से सटे गोदाम से कथित तौर पर सरकारी राहत सामग्री बरामद होने से खलबली
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पांडवेश्वर पांडवेश्वर :बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बंगाल के विभिन्न इलाकों से टीएमसी के कई बड़े नेताओं की गिरफ्तारी की खबरें सामने आ रही हैं कुछ नेताओं को भ्रष्टाचार तो कुछ नेताओं को अवैध वसूली लोगों को डराने धमकाने सहित विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है वहीं कुछ खबरें ऐसे भी आ रही है कि टीएमसी के शासनकाल में टीएमसी के नेताओं जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सरकारी राहत सामग्री की जमाखोरी की गई थी ऐसा ही एक मामला पांडवेश्वर के बंकोला इलाके से सामने आ रहा है बताया जा रहा है कि टीएमसी के पूर्व विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के आवास से सटे एक गोदाम से सरकारी ट्रिपल और अन्य सरकारी सामान की कथित तौर पर बरामदगी हुई है। आज जैसे ही इस बात की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया भाजपा कार्यकर्ता समर्थक स्थानीय निवासी गोदाम के पास पहुंच गए और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे वहीं प्रशासन द्वारा स्थिति की गंभीरता को भांपकर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात कर दिया गया प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुरुषों ने आरोप लगाया कि जो सामान गोदाम से मिला है वह सरकारी राहत सामग्री है जिसे आम जनता के लिए भेजा गया था लेकिन इसे यहां पर जमा करके रखा गया है ताकि बाद में इसे बेचा जा सके दूसरे तरफ भाजपा नेतृत्व ने दावा किया की चुनाव के बाद से ही सिर्फ पश्चिम बर्धमान जिला नही बाकी अन्य जगहों से भी इस तरह की खबरें आ रही है कि टीएमसी के नेताओं ने अपने घरों या अन्य जगहों पर सरकारी राहत सामग्री की जमाखोरी की थी उन्होंने कहा कि टीएमसी के शासनकाल में जो भ्रष्टाचार हुआ था उसकी वजह से सरकारी परियोजनाओं के सटीक कार्यान्वयन और राहत सामग्रियों के वितरण तथा प्रशासनिक पारदर्शिता सवालों के घेरे में आ गई है भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकारी राहत सामग्री जो आम लोगों तक पहुंचनी चाहिए थी उसे गोदाम में जमा करके रखा गया है भाजपा का कहना है कि सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग का इससे बड़ा उदाहरण पूरे देश में और कहीं नहीं मिलेगा इन्होंने मामले की जांच की मांग की हालांकि टीएमसी की तरफ से समाचार लिखे जाने तक घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है वैसे प्रशासन इस मामले की जांच कर रही है और उसके बाद ही यह साफ होगा कि जो सामग्री बरामद हुई है वह सरकारी सामग्री थी या नहीं और गोदाम में वह कैसे पहुंची












