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काजी नजरुल विश्वविद्यालय में 10वें दिन भी जारी रहा गतिरोध:

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आसनसोल :आसनसोल के काजी नजरुल विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर के खिलाफ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और गैर शिक्षक कर्मियों का जो आंदोलन चल रहा था वह आज दसवें दिन में प्रवेश कर गया कल की तरह आज भी इस आंदोलन में विद्यार्थियों ने भी शिरकत की विद्यार्थियों ने भी अपनी तमाम परेशानियों को हमारे कैमरे के सामने बयां किया कई छात्राओं ने कहा कि यहां पर छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है विशेषकर बाथरूम काफी गंदा रहता है पानी नहीं रहता पीने तक का पानी उनको बाहर से खरीदना पड़ता है इसके साथ ही उनका कहना है कि यहां पर पुस्तकालय में जरूरी किताबें मुहैया नहीं रहती इनका कहना है कि आज विश्वविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल ही नहीं है और इसके लिए उन्होंने वाइस चांसलर को जिम्मेदार ठहराया वहीं एक और छात्र ने बताया कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई लिखाई का माहौल बनाने के लिए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अन्य कर्मी जो आंदोलन कर रहे हैं वह उसके साथ हैं क्योंकि यहां पर विद्यार्थियों के लिए अनुकूल परिवेश नहीं है ना तो यहां पर विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं ना तो उनकी मूलभूत जरूरतों को पूरा किया जाता है उन्होंने कहा कि यहां पर ऐसी कई परेशानियां हैं जिनके कारण पढ़ाई लिखाई में बाधा उत्पन्न हो रही है वहीं विश्वविद्यालय में फीस भी इतनी ज्यादा है कि अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में यहां के विद्यार्थियों के लिए यह भी एक परेशानी का सबब है दूसरी तरफ विश्वविद्यालय में जो छात्र पढ़ते हैं उनके लिए हॉस्टल आसनसोल के आश्रम मोड में है जबकि छात्राओं का हॉस्टल दुर्गापुर में है उन्होंने कहा कि यह भी एक अजीब सी परिस्थिति है इन सब के लिए उन्होंने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को जिम्मेदार ठहराया और उन्होंने वर्तमान वाइस चांसलर को हटाकर वाइस चांसलर की मांग की वहीं विश्वविद्यालय के एक कर्मी ने बताया कि उनका यह आंदोलन विश्वविद्यालय में पढ़ाई लिखाई के माहौल स्थापित करने के लिए चलाया जा रहा है और आगे भी तब तक जारी रहेगा जब तक वाइस चांसलर को यहां से हटाया नहीं जाता उन्होंने कहा कि वाइस चांसलर ने जिस तरह से अवैध तरीके से विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को हटाया था उस पर कोलकाता हाई कोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है और संभवत कल अपने कार्य पर वापस आएंगे

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