जितेंद्र तिवारी की जमानत की सुनवाई 23 मार्च को:
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आसनसोल :कंबल वितरण कांड में आज भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी की तरफ से जमानत की अर्जी डाली गई थी लेकिन सरकारी पक्ष के वकील द्वारा इसका विरोध किया गया आसनसोल अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने इस मामले की अगली तारीख 23 मार्च तय की है 23 मार्च को इस मामले पर सुनवाई होगी इस बारे में सरकारी पक्ष के वकील सोमनाथ चटराज ने बताया कि आज जितेंद्र तिवारी की तरफ से उनके वकील ने उनकी जमानत की अर्जी डाली थी उनका कहना था कि क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दो आरोपियों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है इसलिए उनको भी जमानत मिलनी चाहिए जिसका सरकारी पक्ष द्वारा विरोध किया गया जज ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और मामले की अगली तारीख 23 मार्च तय की सरकारी पक्ष के वकील ने कहा कि जितेंद्र तिवारी की तरफ से जो आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनको नोएडा से किसी आतंकवादी की तरह पकड़ कर लाया गया था इसका जवाब 23 तारीख को सभी दस्तावेजों के साथ अदालत में दिया जाएगा । हालांकि इस बारे में जितेंद्र तिवारी के पक्ष के वकील ने कहा कि आज जितेंद्र तिवारी की जमानत की अर्जी डाली गई थी जिसका सरकारी पक्ष द्वारा विरोध किया गया उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर 2022 को एक दुर्भाग्य जनक घटना हुई थी जिसमें 3 व्यक्तियों की मौत हुई थी उस मामले में कुछ लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज किया गया था इनमें आसनसोल के पूर्व मेयर और वर्तमान भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी भी हैं उनको नोएडा से गिरफ्तार करके लाया गया था जिस तरह से किसी खतरनाक आतंकवादी को लाया जाता है उनके साथ उस तरह का आचरण किया गया था उन्होंने बताया कि इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा भाजपा के एक पार्षद गौरव गुप्ता और एक अन्य भाजपा नेता को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया था इसी वजह से जितेंद्र तिवारी के लिए भी जमानत की अर्जी डाली गई थी उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट पर बंगाल पुलिस द्वारा उनके साथ आचरण किया गया था यहां तक कि उनको अपनी बेटी के साथ बात तक नहीं करने दिया गया था उसे देखते हुए जितेंद्र तिवारी जो खुद भी एक अधिवक्ता है उन्होंने अपना पक्ष अदालत के सामने खुद ही रखने का फैसला लिया था उन्होंने बताया कि जितेंद्र तिवारी ने अपने केस की पैरवी खुद ही की और उस दौरान उन्होंने कहा था कि क्योंकि इस मामले की सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होनी है इसलिए उनको 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा जाए लेकिन उनको 8 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजा गया क्योंकि उनको गिरफ्तार कर लिया गया था इसलिए अदालत द्वारा जितेंद्र तिवारी के लिए जमानत की अर्जी डालने के लिए कहा गया था उनका साफ कहना था कि क्योंकि जितेंद्र तिवारी पहले तृणमूल कांग्रेस में थे और अब वह भाजपा में आ गए हैं उनको सबक सिखाने के लिए आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर द्वारा टीम बनाकर उनको गिरफ्तार करवाया गया उन्होंने कहा कि भगदड़ में हुई मौत के लिए जितेंद्र तिवारी को गिरफ्तार किया गया है उस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भारतवर्ष में इससे पहले भी कई जगह पर हो चुकी हैं उदाहरण के लिए उन्होंने चंद्रबाबू नायडू के कार्यक्रम में हुई भगदड़ और मौतों का हवाला दिया पानीहटी में भगदड़ में मौत का हवाला दिया । लेकिन कहीं भी किसी मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई। इनका साफ कहना था कि जितेंद्र तिवारी को सिर्फ राजनीति से प्रेरित होकर बदले की भावना से यह काम किया जा रहा है।












