जितेंद्र तिवारी के आरोपों पर दासू का पलटवार कहा टीएमसी ने नहीं भाजपा ने पीड़ित परिवारों के नाम पर वसूला चंदा:
1 min read
आसनसोल :अपने आवासीय कार्यालय में आज आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर और भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने संवाददाता सम्मेलन कर बीते साल 14 दिसंबर को कंबल वितरण हादसे में जो तीन व्यक्ति मारे गए थे उन मौतों को लेकर टीएमसी पर कुछ संगीन आरोप लगाए थे ।जितेंद्र तिवारी का आरोप था कि टीएमसी नेताओं और मंत्रियों द्वारा मृत व्यक्तियों के परिवारों के 1 1 सदस्यों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों मृत व्यक्तियों की मदद के नाम पर टीएमसी द्वारा शिल्पांचल में चंदा वसूली की गई थी जिसमें तकरीबन 60 लाख रुपए इकट्ठा हुए थे मगर उस पैसे का एक भी रुपया पीड़ित परिवारों तक नहीं पहुंचा इसके जवाब में वरिष्ठ टीएमसी नेता वी शिव दासन उर्फ दासु ने पलटवार करते हुए कहा कि टीएमसी को पीड़ित परिवारों की मदद के लिए चंदा वसूली करने कोई जरूरत नहीं है टीएमसी सत्ता पक्ष में है और पीड़ित परिवारों को प्रशासन और आसनसोल नगर निगम द्वारा आर्थिक मदद पहुंचाई जा चुकी है उन्होंने उल्टा भाजपा पर ही पीड़ित परिवारों के नाम पर चंदा वसूली करने का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि जितेंद्र तिवारी आसनसोल में रहते नहीं है हफ्ता 10 दिन में आसनसोल आते हैं और इस तरह की अनाप-शनाप बातें करके वह मीडिया के जरिए खबरों में बने रहना चाहते हैं उन्होंने कहा कि आज वह दीदीर सुरक्षा कवच और दीदी के दूत पर कटाक्ष कर रहे हैं लेकिन सिर्फ डेढ़ साल पहले जब वह टीएमसी में थे और दीदी के बोलो कार्यक्रम को लेकर वह खुद लोगों के घर घर गए थे तब क्या लोगों ने उनको खदेड़ा था उन्होंने कहा कि दरअसल जितेंद्र तिवारी को यह बात हजम नहीं हो रही है कि उनके पार्टी से चले जाने के बाद भी टीएमसी इस तरह के आयोजन कर रही है लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर रही है यही वजह है कि वह अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं । वरिष्ठ टीएमसी नेता ने कहा कि अगर लोगों से 60 लाख रुपए चंदा वसूला गया है तो बाजार में इसकी चर्चा जरूर होती जितेंद्र तिवारी तो खुद भी टीएमसी में थे उनकी भी अच्छी खासी पहचान है वह पता करें कि किसने चंदा दिया है । अपने संवाददाता सम्मेलन में जितेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के आला नेताओं द्वारा पैसे के एवज में अवैध निर्माणों को नो ऑब्जेक्शन दिया गया है इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दासू ने कहा कि बीते तकरीबन 10 महीने के टीएमसी बोर्ड के कार्यकाल में मेयर विधान उपाध्याय ने किसी भी नए निर्माण कार्य के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं दिया है जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं उनका नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जितेंद्र तिवारी ने मेयर और प्रशासक रहते हुए दिया था अब जितेंद्र तिवारी इसका जवाब दें कि उन्होंने कितने पैसे लेकर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर किए थे उन्होंने कहा कि इस मामले की पुलिस जांच होनी चाहिए क्योंकि आसनसोल की जनता को सब पता है आसनसोल की जनता ने जितेंद्र तिवारी को भी पहले देखा था और आज भी देख रही है और टीएमसी नेताओं को भी पहले देखा था और आज भी देख रही है जनता को सब पता है । उन्होंने कहा कि अब तक मृतक के परिवारों के सदस्यों को नौकरी इसलिए नहीं दी जा सकती है क्योंकि अब तक मृतक के परिवारों के सदस्यों ने किस को नौकरी दी जाए यह नाम नगर निगम को नहीं दिया है नगर निगम द्वारा दो बार उनसे के नाम मांगे गए हैं लेकिन अभी तक मृतक के परिवारों की तरफ से नाम नहीं दिया गया है।












