बीते साल 14 दिसंबर की भगदड़ की घटना पर जितेंद्र तिवारी ने किया संवाददाता सम्मेलन टीएमसी पर लगाए कई गंभीर आरोप:
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आसनसोल :बीते साल 14 दिसंबर को आसनसोल के आरके डंगाल इलाके में शिव चर्चा और कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जहां पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी तथा आसनसोल शिल्पांचल के भाजपा नेता कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे जिस इलाके में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था वह आसनसोल की भाजपा पार्षद चैताली तिवारी का वार्ड था वहां कंबल वितरण के दौरान भगदड़ मच गई थी जिसमें एक छोटी बच्ची समेत 3 व्यक्तियों की मौत हो गई थी इसे लेकर बीते 1 महीने से शिल्पांचल की राजनीति गरमाई हुई है प्रशासन द्वारा इस मामले में कई भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है चैताली तिवारी से भी पुलिस द्वारा कई बार पूछताछ की गई है इसे लेकर आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने आज अपने आवासीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया उन्होंने कहा कि बीते 14 दिसंबर को आरके डंगाल मैं एक सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था जिसमें भगदड़ की वजह से तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी एक दुर्घटना को लेकर टीएमसी प्रशासन द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए थे उन्होंने बताया कि आज भी भाजपा के कई कार्यकर्ता जेल में बंद है लेकिन उन्होंने आसनसोल उत्तर के विधायक और राज्य के मंत्री सहित शिल्पांचल के आला टीएमसी नेताओं से प्रश्न किया कि एक हादसे को लेकर राजनीति करने के अलावा बीते 1 महीने के अंतराल में उन्होंने और क्या किया उन्होंने कहा कि हादसे के बाद यहां के मंत्री तथा अन्य टीएमसी नेता पीड़ित परिवारों से मिले थे यहां तक कि कोलकाता से भी मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल आया था और पीड़ितों से मुलाकात की थी जितेंद्र तिवारी ने कहा कि सभी ने पीड़ित परिवारों को जो वादे किए थे उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया है इसके साथ ही उन्होंने कुछ और गंभीर आरोप भी लगाए उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं मंत्रियों ने वादा किया था कि पीड़ित परिवारों में से हर एक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी लेकिन आज एक महीना बीत जाने के बाद भी सरकारी नौकरी तो दूर रोजगार का कोई प्रबंध नहीं किया गया है उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास पुख्ता खबर है की इन पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य के लिए नौकरी की जो बात कही गई थी उसे किसी और को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों के नाम पर आसनसोल रानीगंज जमुरिया आदि क्षेत्रों से टीएमसी द्वारा चंदा उगाही की बात कही जितेंद्र तिवारी ने कहा कि उनके पास खबर है कि आसनसोल रानीगंज जमुरिया आदि क्षेत्रों से पीड़ित परिवारों को मदद करने के नाम पर टीएमसी द्वारा तकरीबन 60 लाख रुपए चंदा वसूला गया है लेकिन उस चंदे की राशि का 1 रुपया भी किसी भी पीड़ित परिवार तक नहीं पहुंचा है उन्होंने सवाल किया कि आखिर इतना पैसा गया कहां हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या चंदा वसूलने का कोई सबूत उनके पास है तो उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में चंदे के लिए रसीद नहीं दिए जाते ऐसे में मीडिया कर्मियों ने जब उनसे पूछा कि टीएमसी नेताओं द्वारा तो इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जाएगा इस पर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि कुछ भी कह सकती है लेकिन सच्चाई यही है कि पीड़ित परिवारों के नाम पर कार्यकर्ताओं द्वारा आसनसोल रानीगंज जमुरिया आदि क्षेत्रों से चंदा उगाही की गई और उसका ₹1 भी पीड़ित परिवारों तक नहीं पहुंचा । जितेंद्र तिवारी ने साफ कहा अंदेशा है कि टीएमसी को आदत है नौकरियां बेचने की तो इन पीड़ित परिवारों के लिए जिस सरकारी नौकरी की बात कही गई थी कहीं वह सरकारी नौकरियां भी किसी को बेच न दी गई हो












