पार्षद जीतू सिंह ने फिर उठाया आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण का मुद्दा:
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*आसनसोल* आसनसोल नगर निगम के 41 नंबर वार्ड के पार्षद रणवीर सिंह भरारा उर्फ जीतू सिंह पिछले कुछ बोर्ड मीटिंग में शिरकत नहीं कर रहे हैं इसी क्रम में उन्होंने इस साल की आखिरी बोर्ड मीटिंग जो कि गुरुवार को आसनसोल नगर निगम में हुई थी उसमें भी वह अनुपस्थित रहे। इसे लेकर जब हमने उनसे बात की तो उनका कहना था कि बोर्ड मीटिंग में जाने का फायदा क्या बोर्ड मीटिंग में जाने का मतलब होता है समस्याओं को बताना और उनका समाधान खोजने की कोशिश करना लेकिन जिस एक समस्या को लेकर वह बीते कई महीनों से मुखर रहे हैं उस पर कोई समाधान अभी तक नहीं निकला है उनका कहना है कि आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में 12 लाख स्क्वायर फीट से भी ज्यादा अवैध निर्माण हुआ है इस पर उन्होंने बार-बार आवाज भी उठाई है लेकिन नया बोर्ड बनने के बाद लगभग 1 साल बीतने को है परंतु अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजी कार्रवाई की जा रही है मगर वास्तविकता के धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पार्षद से गुहार नहीं लगाते या मेयर खुद नहीं चाहते कि इस समस्या का समाधान हो मेयर जी जान से आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगे हुए हैं लेकिन जब भी किसी पर कार्रवाई की बात आती है तो कहीं ना कहीं से कोई अड़चन आ जाती है और कार्रवाई की प्रक्रिया बीच में ही रुक जाती है उन्होंने अंदेशा जताया कि हो सकता है कि इस पूरे मामले में आसनसोल नगर निगम के कुछ कर्मी भी शामिल हो वही उन्होंने कहा कि आसनसोल नगर निगम में एक ही कर्मचारी पर ही पार्किंग हार्डिंग और बिजली से जुड़े मामलों की देखरेख की जिम्मेदारी है लेकिन पार्किंग को लेकर जो अनियमितताएं सामने आई है उसकी जवाबदेही करने के लिए कोई नहीं है उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा की हाल ही में उन्होंने अपनी बाइक आसनसोल में एक निजी बैंक के सामने खड़ी की थी पार्किंग के लिए उनसे 10 रुपए लिए गए जिसका उनको रसीद भी दिया गया अगर इस तरह से लोगों से पार्किंग के लिए पैसे लिए जा रहे हैं तो वह पैसा नगर निगम तक पहुंच क्यों नहीं रहा वह पैसा कहां जा रहा है इसकी भी तफ्तीश होनी चाहिए उनका कहना था कि मेयर विधान उपाध्याय निस्संदेह एक बहुत अच्छे इंसान हैं और वह नगर निगम को भ्रष्टाचार मुक्त करना चाहते हैं निगम के निवासियों को सभी सुविधाएं वह या कराना चाहते हैं लेकिन कहीं ना कहीं कोई अड़चन आ रही है जिससे वह अपने इरादों में सफल नहीं हो पा रहे हैं और इसका जवाब पार्षदों को देना पड़ रहा है












