वामपंथी श्रमिक नेता आर सी सिंह के निधन से पूरे शिल्पांचल में शोक की लहर:
1 min read
*आसनसोल* :प्रख्यात वामपंथी नेता आर सी सिंह के निधन से पूरे शिल्पांचल में शोक की लहर दौड़ गई है कहा जा रहा है कि आर सी सिंह के निधन से शिल्पांचल में श्रमिक आंदोलन को एक करारा झटका लगा है इस संदर्भ में जब हमने आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी से बात की तो उन्होंने भी आरसी सिंह के निधन को एक बहुत बड़ी क्षति करार दिया उन्होंने कहा कि भले ही आरसी सिंह वामपंथी नेता थे लेकिन श्रमिक आंदोलन में उनके योगदान को कोई भुला नहीं सकता उन्होंने कहा कि राजनीतिक तौर पर भले ही वह दूसरी धुरी पर स्थित थे लेकिन उनके साथ व्यक्तिगत तौर पर भी उनका काफी अच्छा संबंध था उन्होंने बताया कि आरसी सिंह की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह सबसे बहुत अच्छे ढंग से मिलते थे उनका स्वभाव काफी मिलनसार था उन्होंने कहा कि कोयलांचल में श्रमिकों की परेशानियों के बारे में आर सी सिंह से बेहतर शायद ही किसी को ज्ञान था उनके निधन से कोयलांचल में श्रमिक आंदोलन को एक अपूरणीय क्षति हुई है
आपको बता दें कि सीपीआई के श्रमिक संगठन ऐटक के कद्दावर नेता आशीष सिंह सीपीआई के पश्चिम बर्दवान जिले के सेक्रेटरी और सीएमएस के सेक्रेटरी थे श्रमिक आंदोलन को और मजबूती प्रदान करने के लिए उन्होंने ज्वाइंट एक्शन कमिटी का गठन किया था जिसके वह कन्वीनर भी थे बीते कुछ दिनों से वह बीमार चल रहे थे और दिल्ली में उनका निधन हो गया उनके निधन से पूरे शिल्पांचल में शोक की लहर दौड़ गई है 24 अक्टूबर 2022 को किडनी की बीमारी के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनको भर्ती कराया गया था 84 वर्षीय आरसी सिंह का आज सुबह सुबह 11 बजे निधन हो गया












