आसनसोल रेलपार ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के विरोध के चलते रेलवे के बुलडोजर को लौटना पड़ा बैरंग:
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*आसनसोल* :आज अचानक रेलवे की तरफ से कुछ कर्मचारी बुलडोजर लेकर रेलपार इलाके में पहुंचे और दुकानों को तोड़ने की कवायद शुरू की रेलपार ट्रेडर एसोसिएशन के सदस्य बुलडोजर के सामने खड़े हो गए कुछ तो बुलडोजर के आगे लेट गए । उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर बिना मुआवजा और पुनर्वास दुकानों को तोड़ने नहीं देंगे । वहीं घटनास्थल पर पहुंचे आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी 30 नंबर वार्ड के पार्षद गोपा हलदर ने भी इन दुकानदारों का समर्थन करते हुए रेलवे द्वारा गुपचुप तरीके से बुलडोजर भेजकर दुकानों को तोड़ने की कोशिश का विरोध किया रेलपार ट्रेडर एसोसिएशन के सचिव आशीष चैटर्जी का कहना है कि बिना मुआवजा और पुनर्वास के वहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे के बुलडोजर को उनके दुकानों तक पहुंचने से पहले उनके ऊपर से गुजरना होगा वहीं अमरनाथ चटर्जी और गोपा हलदर ने भी रेलवे द्वारा इस अभियान की कड़ी निंदा की और कहा कि कोई भी रेलवे के विकास में बाधा नहीं बनना चाहता लेकिन केंद्र सरकार को भी इन दुकानदारों के बारे में सोचने की जरूरत है इन्हीं दुकानों पर इन सभी लोगों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी निर्भर है अगर इनको बिना मुआवजा और पुनर्वास के यहां से हटा दिया जाए तो यह लोग कहां जाएंगे उन्होंने साफ कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का स्पष्ट निर्देश है कि किसी को भी बिना मुआवजा और पुनर्वास के कहीं से भी हटाया नहीं जा सकता और उन्हीं के आदर्शों पर चलते हुए इन दुकानदारों के समर्थन के लिए यहां आए हैं स्थानीय लोगों और दुकानदारों के विरोध के चलते रेलवे कर्मचारी बैरंग ही लौट गए












