मवेशी तस्करी मामले में अनुब्रत मंडल को नहीं मिली जमानत 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए:
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मवेशी तस्करी मामले में आज एक बार फिर से टीएमसी नेता अनुब्रता मंडल को आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया था आपको बता दें कि कल ही आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत के जज और इस मामले की सुनवाई कर रहे जज राजेश चक्रवर्ती को धमकी भरा एक पत्र मिला था जिसमें यह कहा गया था कि अगर आज उन्होंने अनुब्रता मंडल को जमानत नहीं दी तो उनके पूरे परिवार को ड्रग्स केस में फंसा दिया जाएगा इस पृष्ठभूमि में आज जब अनुव्रत मंडल को आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया तो वहां प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम थे आसनसोल अदालत परिसर और आसपास के पूरे क्षेत्र को किले में तब्दील कर दिया गया था आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में आज दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश की और व्रत मंडल के वकील ने उनकी बीमारी का हवाला देते हुए उनको जमानत मंजूर करने का अनुरोध किया अनुब्रता मंडल के वकील ने कहा कि उनको स्लीप एपनिया है जिससे उनकी मौत तक हो सकती है ऐसे में उनके मुवक्किल को जमानत देना बेहद जरूरी अनुब्रता मंडल के वकील ने उनके प्रभावशाली होने की बात का खंडन करते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा उनको पहचान ना उनका प्रभावशाली होना नहीं है रही बात मवेशियों की तस्करी की तो इसके लिए बीएसएफ की ज्यादा जिम्मेदारी बनती है ऐसे में सिर्फ सतीश कुमार के अलावा बीएसएफ के किसी अधिकारी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा । हालांकि सीबीआई के वकील ने अनुब्रता मंडल के वकीलों की इन दलीलों को खारिज किया और कहा कि अनुबंध मंडल एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति हैं और वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं ऐसे में उनको जमानत देने का मतलब जांच का प्रभावित होना है । आखिरकार जज ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और अनुब्रता मंडल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी












