कोयला तस्करी मामले में आठ ईसीएल अधिकारियों की जमानत अर्जी खारिज अगली सुनवाई 30 अगस्त को:
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कोयले के तस्करी के मामले में सीबीआई द्वारा हिरासत में लिए गए आठ ईसीएल अधिकारियों को आज आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया वहां इनके वकील द्वारा इनकी जमानत की अर्जी दी गई थी लेकिन अदालत ने उनकी जमानत की अर्जी को नामंजूर करते हुए 30 अगस्त तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया इन ईसीआर अधिकारियों के वकील ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने अदालत में इन अधिकारियों को जमानत देने के लिए अर्जी डाली थी लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी को नामंजूर कर दिया उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा यह दलील दी गई कि यह लोग प्रभावशाली हैं और जांच की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं इस पर इन अधिकारियों के वकील ने बताया कि गिरफ्तार आठ ईसीएल अधिकारियों में से 5 अभी भी इसीएल के कर्मचारी हैं इनके लिए जांच की प्रक्रिया को प्रभावित करना है या कहीं भाग जाना संभव नहीं है अन्य तीन सेवानिवृत्त ईसीएल अधिकारी हैं इनका पेंशन चल रहा है आसनसोल में इनकी संपत्ति है ऐसे में इनके लिए भी आसनसोल से भाग जाना संभव ही नहीं है इसी बिनाह पर पुराने ईसीएल के 8 अधिकारियों के लिए जमानत की अर्जी डाली थी लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज करते हुए इन अधिकारियों को 30 अगस्त तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया । इन अधिकारियों के वकील ने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि इस पूरे कोयला तस्करी मामले में जो मुख्य आरोपी हैं अनूप लाला उनको सर्वोच्च न्यायालय से रक्षा कवच मिला हुआ है लेकिन जो अन्य अधिकारी हैं उनको बार-बार सीबीआई की हिरासत में भेजा जा रहा है इनका कहना है कि सिर्फ इन आठ ईसीएल अधिकारियों के लिए अवैध कोयला कारोबार के इतने बड़े काले धंधे को चलाना संभव नहीं है ऐसे में जो मुख्य आरोपी है उसकी जांच नहीं की जा रही है लेकिन इन मासूम ईसीएल अधिकारियों को बार-बार सीबीआई की हिरासत में भेजा जा रहा है जोकि अत्यंत दुखद है।












