रेलवे द्वारा परिचालित स्कूलों को बंद ना करने के फैसले का घोषित उप मेयर वसीम उल हक ने किया स्वागत:
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हाल ही में रेलवे बोर्ड द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में रेलवे द्वारा परिचालित किसी भी स्कूल को बंद करने के फैसले को वापस ले लिया गया आपको बता दें कि कुछ महीने पहले रेलवे बोर्ड द्वारा रेलवे द्वारा परिचालित स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया था जिससे आसनसोल शिल्पांचल में हड़कंप मच गया था यहां रेलवे के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हो गए थे इसे लेकर अभिभावकों द्वारा जोरदार आंदोलन भी किया गया था तृणमूल कांग्रेस की तरफ से भी इस मामले में अभिभावकों का ही पक्ष लेकर आंदोलन किया गया था आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी उप मेयर अभिजीत घटक वसीम उल हक सहित आसनसोल शिल्पांचल के कद्दावर टीएमसी नेताओं ने रेलवे के इस फैसले का विरोध करते हुए आंदोलन खड़ा किया था यहां तक कि डीआरएम को कई बार ज्ञापन भी सौंपा गया था अब जबकि रेलवे बोर्ड द्वारा रेलवे द्वारा परिचालित स्कूलों को बंद न करने का फैसला लिया गया है इसे स्वाभाविक रूप से इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक गण खुश हैं हमने इस संदर्भ में वसीम उल हक से बात की उन्होंने बताया कि जब से रेलवे द्वारा यह फैसला लिया गया था तब से ही टीएमसी इस फैसले के खिलाफ थी और इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थी यह बहुत खुशी की बात है कि रेलवे बोर्ड द्वारा इस फैसले को वापस लिया गया है उन्होंने कहा कि न सिर्फ यह फैसला बल्कि केंद्र सरकार द्वारा जो भी जनविरोधी फैसले लिए जा रहे हैं उनको वापस लेने की जरूरत है उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा जिस तरह से अतिक्रमण हटाने के नाम पर जरुरतमंदों के साथ अत्याचार किया जा रहा है रेलवे के निजीकरण की कोशिश की जा रही है इन सभी फैसलों को वापस लेने की जरूरत है उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने जिस तरह से गरीबों के हित में फैसले लेते हुए सरकार चलाई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इससे सीख लेने की जरूरत है।













