ममता कैबिनेट का बड़ा फैसला राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगी राज्य विश्वविद्यालयों के चांसलर:
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कोलकाता राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने गुरुवार को एक बहुत बड़ा फैसला लिया गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब से राज्य सरकार के अधीन जो भी विश्वविद्यालय हैं उनके चांसलर राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे कैबिनेट में इस आशय पर फैसला हो गया अब विधानसभा में इस प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए संशोधन लाने की जरूरत है राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि बहुत जल्द वह प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी जिससे कि राज्य सरकार के अधीन विश्वविद्यालयों के चांसलर राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे आपको बता दें कि सिर्फ बंगाल ही नहीं गैर भाजपा शासित दक्षिण भारत के कई विश्वविद्यालयों में भी यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है केरल तमिलनाडु जैसे राज्य अपनी अपनी सरकारों के अधीन विश्वविद्यालयों में राज्यपाल को हटाकर मुख्यमंत्री को चांसलर बनाने की प्रक्रिया में लग गए हैं । शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पास किया गया अब बहुत जल्द विधानसभा में इसे पेश कर कानून में संशोधन लाया जाएगा जिससे कि राज्य सरकार के अधीन विश्वविद्यालयों के चांसलर मुख्यमंत्री होंगी राज्यपाल नहीं । न्यायमूर्ति मदन मोहन पूंची के नेतृत्व में आयोग ने 2006 में ही इस आशय की सिफारिश की थी कि राज्य सरकार के अधीन विश्वविद्यालयों के चांसलर मुख्यमंत्री हो सकते हैं राज्यपाल नहीं । आपको बता दें कि बीते कुछ महीनों से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और राज्य सरकार के बीच छत्तीस का आंकड़ा बना हुआ है कई मौकों पर राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव की स्थिति बन चुकी है राज्यपाल ने कई बार खुले तौर पर राज्य सरकार की गतिविधियों की आलोचना की है वही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित ममता कैबिनेट के मंत्रियों ने भी राज्यपाल की तीखी आलोचना की है गुरुवार की बैठक में लिए गए इस फैसले को उसी टकराव का नतीजा माना जा रहा है












