कवि काजी नज़रुल इस्लाम को जयंती पर किया गया याद:
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आसनसोल विद्रोही कवि काजी नज़रुल इस्लाम की जयंती के अवसर पर गुरुवार को डीवाईएफआई की तरफ से आश्रम मोड़ पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया इस मौके पर डीवाईएफआई नेता विक्टर आचार्य ने कहा कि आज की तारीख में हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा जरूरत काजी नजरुल इस्लाम जैसे लोगों के आदर्शों पर चलने की है उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द की एक मिसाल कायम की थी उन्होंने अपने जीवन और अपनी रचनाओं से मजहबों के बीच की दीवार को तोड़ने का काम किया था लेकिन आज भारत में मजहब के नाम पर लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है ऐसे में हम सबको काजी नजरुल इस्लाम और रविंद्र नाथ टैगोर जैसे महान विभूतियों के आदर्शों पर चलने की जरूरत है ताकि इस हिंदुस्तान के युवाओं को धर्म के नाम पर बहकाया ना जा सके और उनके लिए रोजगार शिक्षा जैसी बुनियादी चीजों की व्यवस्था हो












