मंत्री अग्निमित्रा पाल जिला अस्पताल के रोगी कल्याण समिति की बैठक में हुई शामिल कहा अस्पताल में अव्यवस्था नहीं होगी बर्दाश्त
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आसनसोल :आसनसोल जिला अस्पताल में रोगी कल्याण समिति की बैठक में आसनसोल दक्षिण की विधायक और राज्य की महिला और बाल विकास तथा अर्बन डेवलपमेंट एंड म्युनिसिपल अफेयर्स मंत्री अग्निमित्रा पाल शामिल हुईं। आसनसोल जिला अस्पताल में हुई इस बैठक के दौरान जिला शासक एस पोन्नबलम आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी आसनसोल जिला अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ निखिल चंद्र दास के अलावा जिला अस्पताल प्रशासन से जुड़े तमाम वरिष्ठ अधिकारी डाक्टर उपस्थित थे यहां पर जिला अस्पताल को लेकर चर्चा हुई और कैसे चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर किया जाए इस पर विचार किया गया। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि आज की बैठक के दौरान आसनसोल जिला अस्पताल को लेकर व्यापक चर्चा हुई उन्होंने कहा कि सबसे पहला काम जो उन्होंने यहां के प्रबंधन को करने के लिए कहा है वह अस्पताल परिसर में साफ सफाई रखने की बात है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर काफी गंदगी से भरा हुआ है चाहे कोलकाता का सरकारी अस्पताल हो या आसनसोल का जिला अस्पताल हर एक जगह पर तस्वीर एक ही है कि साफ सफाई नहीं की जाती इसलिए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को हिदायत दी है कि अस्पताल में साफ सफाई रखी जाए और दिन में दो बार पूरे अस्पताल परिसर को अच्छी तरह से साफ किया जाए । अस्पताल में शौचालयों की स्थिति भी काफी खराब है उनको भी साफ सुथरा रखने की हिदायत दी गई है वहीं उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर के चारों तरफ बाउंड्री नहीं है जिस वजह से मवेशी अस्पताल परिसर के अंदर घुस जाते हैं यह भी होने नहीं दिया जा सकता उन्होंने अस्पताल परिसर के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनाने की हिदायत दी। वहीं अस्पताल के मुख्य द्वार पर गार्ड रखने की भी बात कही गई मंत्री ने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक और अन्य चिकित्सा कर्मी भी नहीं है ।उन्होंने इस संदर्भ में राज्य के स्वास्थ्य विभाग के सचिव के संज्ञान में विषय को लाने की बात कही और कहा कि इस तरफ भी राज्य सरकार ध्यान दे रही है ताकि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक और अन्य चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति हो सके इसके अलावा जिस एक और मुद्दे पर उन्होंने बैठक में अस्पताल प्रबंधन से बात कि वह अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा अस्पताल में ड्यूटी के अवधि के दौरान अस्पताल ना आकर प्राइवेट प्रैक्टिस करना। मंत्री ने कहा कि उनके पास कुछ डॉक्टरों को लेकर ऐसी शिकायतें आई हैं कि यह डॉक्टर हफ्ते में सिर्फ एक दिन आसनसोल जिला अस्पताल आते हैं अन्य दिन वह प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं यहां तक कि वह दूसरे शहरों दूसरे जिलों में जाकर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । उन्होंने कहा कि इसके लिए बायोमेट्रिक एंट्री की व्यवस्था की जाएगी अस्पताल के हर एक अधिकारी कर्मचारी चिकित्सक चिकित्सा कर्मी को सुबह 10:00 बजे अस्पताल में प्रवेश करना होगा 15 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा और शाम 6:00 बजे से पहले वह अस्पताल नहीं छोड़ सकते। वहीं अस्पताल परिसर के अंदर टोटो के बिना किसी रोक-टोक के घुसने को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई और कहा कि जिस तरह से टोटो चालक बर्ताव करते हैं उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता इस पर भी रोक लगेगी। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि अस्पताल परिसर के अंदर जो फार्मेसी है वह रविवार को बंद रहती है जबकि रविवार को कई मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जाती है ऐसे में वह दवा नहीं खरीद पाते इस पर मंत्री ने कहा कि उन्हें पता चला है कि अस्पताल परिसर के अंदर जो फार्मेसी है उसके संचालन की जिम्मेदारी जिसको दी गई थी संचालन की अवधि समाप्त हो चुकी है लेकिन फिर भी वह फार्मेसी को छोड़ नहीं रहे हैं अग्निमित्रा पाल ने कहा कि यह बड़ी हैरानी की बात है और यह सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही संभव है क्योंकि पिछले 15 सालों में यहां पर प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं थी लेकिन अब ऐसा होने नहीं दिया जाएगा उन्होंने साफ कहा कि पुलिस को इसकी जानकारी दी गई है अगर जिन्हें पहले अस्पताल परिसर के अंदर फार्मेसी के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी वह दो दिनों के अंदर अपने आप नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें कानूनी तरीके से निकाला जाएगा और जिन्होंने टेंडर के जरिए अस्पताल परिसर के फार्मेसी के संचालन की जिम्मेदारी ली है उन्हें सौंप दिया जाएगा लेकिन शर्त एक ही है कि जो भी टेंडर लेगा उसे हफ्ते में सातों दिन 24 घंटे फार्मेसी खुली रखनी होगी इसके लिए अगर उन्हें दो शिफ्ट में कर्मचारियों की नियुक्ति करनी पड़े तो भी वह करें लेकिन अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके परिजनों को चिकित्सकीय सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता । वहीं उन्होंने अस्पताल के सामने के रास्ते को वन वे किए जाने पर विचार करने की भी बात कही ताकी अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने ट्रैफिक जाम ना हो












