पुलिस की तत्परता से एथोड़ा के उच्च माध्यमिक परीक्षार्थी का 1 साल बर्बाद होने से बचा परिवार ने जताया पुलिस का आभार
1 min read
अक्सर एक आम इंसान के मन में पुलिस को लेकर नकारात्मक भावनाएं बनी रहती हैं लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि पुलिस के अधिकारी अपने ड्यूटी पर तैनात रहते हैं इस वजह से ही हम अपने घरों में सुरक्षित रह पाते हैं और काफी हद तक अपने दिनचर्या को भी सुरक्षित रूप से कर पाते हैं पुलिस के इसी मानवीय और जिम्मेदार रूप को दर्शाते हुए एक और घटना प्रकाश में आई है जैसा कि हम सब जानते हैं कि इस समय पूरे पश्चिम बंगाल में उच्च माध्यमिक की परीक्षा चल रही है एथोड़ा के रहने वाले सायन चटर्जी का आसनसोल के धधका इलाके में एन सी लहरी स्कूल में परीक्षा केंद्र पड़ा है उच्च माध्यमिक परीक्षा के पहले दिन बांग्ला परीक्षा देने के लिए जब सायन परीक्षा केंद्र पहुंचे तब उन्हें एहसास हुआ कि वह ओरिजिनल एडमिट कार्ड राणा भूल गए हैं वह सिर्फ एडमिट कार्ड का फोटो कॉपी लेकर आए हैं लेकिन तब उनके पास इतना समय नहीं था कि वह वापस एथोड़ा जा पाए जब उन्हें लगने लगा कि उनकी एक छोटी सी गलती की वजह से उनका एक पूरा साल बर्बाद हो जाएगा तब उन्होंने पुलिस अधिकारियों की मदद लेने के बारे में फैसला लिया और उनका यह फैसला बिल्कुल सही रहा उन्होंने परीक्षा केंद्र के आसपास मौजूद पुलिस अधिकारियों को अपनी समस्या के बारे में बताया पुलिस अधिकारियों ने तुरंत उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और वह सायन को अपने साथ लेकर एथोड़ा के लिए रवाना हो गए एन सी लहरी स्कूल से एथोड़ा लगभग 5 किलोमीटर दूर है जब पुलिस के अधिकारी सायं को गाड़ी में बैठकर उसके घर लेकर जा रहे थे तब उन्होंने रास्ते से ही छात्र की मां को फोन कियाऔर कह दिया कि वह सायं के एडमिट कार्ड का ओरिजिनल लेकर बाहरी खड़ी रहे पुलिस अधिकारियों के सलाह के अनुसार सायन की मां एडमिट कार्ड लेकर बाहर खड़ी थी और जैसे ही पुलिस अधिकारी सायन को लेकर उसके घर पहुंचे विद्यार्थी की मां ने वह एडमिट कार्ड अपने बेटे को दे दिया पुलिस अधिकारी उसके बाद तुरंत स्कूल के लिए रवाना हो गए और समय के पहले ही स्कूल पहुंचने में उन्हें कामयाबी मिली और इस तरह से पुलिस अधिकारियों के त्वरित कार्रवाई की वजह से सायन का एक साल बच गया इस बारे में जब हमने सायन से बात की तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद दिया और कहा कि जब उन्हें लगने लगा था कि उनकी एक छोटी सी गलती की वजह से उनका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा तो पुलिस अधिकारी देवदूत की तरह उनके सामने आए और उन्होंने उनकी मदद की इसके लिए उन्होंने पूरे पुलिस महकमें को धन्यवाद दिया। वही इस छात्र के पिता शांतनु चटर्जी नेवी पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि वह एक निजी संस्थान में काम करते हैं उन्हें जब इस बात का पता चला कि उनका बेटा एडमिट कार्ड का ओरिजिनल ले जाना भूल गया है तब उन्हें बहुत चिंता होने लगी लेकिन उनके पास इतना समय नहीं था कि वह खुद जाकर अपने बेटे को ओरिजिनल एडमिट कार्ड दे पाते ऐसे में उन्होंने यह आस छोड़ दी थी कि शायद उनके बेटे का 1 साल बर्बाद हो जाएगा लेकिन तभी पुलिस अधिकारियों के तत्परता के बारे में उन्हें खबर मिली और जिस तरह से पुलिस अधिकारियों ने उनके बेटे की मदद की है उससे वह बेहद प्रभावित है और उनके पास पुलिस को धन्यवाद देने के लिए शब्द नहीं है












